facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

अगस्त में 33 अरब डॉलर का निर्यात

Last Updated- December 12, 2022 | 1:22 AM IST

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से आज जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में भारत का निर्यात 33.14 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 45.17 प्रतिशत ज्यादा है। प्राथमिक आंकड़ों से पता चलता है कि विदेश से तेज मांग बनी रहने के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई है। 
इंजीनियरिंग उत्पादों, पेट्रोलियम उत्पादों, रत्न एवं आभूषण की विदेश में ज्यादा मांग रही। अगस्त, 2020 में निर्यात के कमजोर आधार ने भी 45 प्रतिशत वृद्धि में भूमिका निभाई है, क्योंकि कोविड-19 के कारण पिछले साल निर्यात बाधित रहा था। बहरहाल आधार का असर धीरे-धीरे घट रहा है। अगस्त, 2019 में वृद्धि 27.5 प्रतिशत थी। जुलाई, 21 में निर्यात सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया था और यह 35.17 अरब डॉलर था।

कुल मिलाकर देखें तो अप्रैल-अगस्त के दौरान भारत का वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात 163.67 अरब डॉलर रहा है, जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना मे 66.92 प्रतिशत ज्यादा है और 2019 की समान अवधि की तुलना में 22.93 प्रतिशत ज्यादा है। इस हिसाब से भारत चालू वित्त वर्ष में अपने 400 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य का 41 प्रतिशत हासिल कर चुका है। अगस्त महीने में वाणिज्यिक वस्तुओं का आयात 51.5 प्रतिशत बढ़कर 47.01 अरब डॉलर हो गया और यह अगस्त 2019 की तुलना में 17.2 प्रतिशत ज्यादा है। इसकी वजह से अगस्त में व्यापार घाटा 13.87 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 8.2 प्रतिशत था। 
इक्रा में मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ‘वाणिज्यिक वस्तुओं का आयात लगातार बढ़ रहा है, साथ ही निर्यात सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में अगस्त, 2021 में व्यापार घाटा बढ़कर 13.9 अरब डॉलर हो गया है, जैसा कि अनुमान था। यह 4 महीने का उच्च स्तर है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि चालू खाते का घाटा सुधरकर आगामी तिमाही में 4-6 अरब डॉलर रहेगा।’ 

गैर पेट्रोलियम और गैर रत्न एवं आभूषण का निर्यात अगस्त महीने में 25.15 अरब डॉलर रहा है, जो एक साल पहले की तुलना मे 21.66 प्रतिशत ज्यादा है और अगस्त 19 की तुलना में इसमें 28.53 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।  
फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेसंस (फियो) के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि लगातार 6 महीने से निर्यात में बढ़ोतरी न सिर्फ बेहतर अर्थव्यवस्था के संकेत दे रहा है, बल्कि निर्यात में स्थिरता के भी संकेत हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार में रिकवरी की वजह से ऑर्डर बुकिंग की स्थिति सही है।

First Published - September 2, 2021 | 11:56 PM IST

संबंधित पोस्ट