नौ दिन का नवरात्रि उत्सव दशहरे के साथ आज संपन्न हो गया। इस दौरान उपभोक्ता कंपनियों की खुदरा बिक्री में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। अधिकतर कंपनियों का कहना है कि 42 दिन के त्योहारी दौर का पहला चरण नवरात्रि से दीवाली तक होता है और यह अवधि पिछले दो-तीन साल में सबसे अच्छी रहेगी। इस साल त्योहारी सीजन में कार व इलेक्ट्रिक स्कूटर से लेकर मोबाइल फोन, उपभोक्ता उपकरण एवं परिधान तक सभी श्रेणियों में बिक्री अच्छी दिख रही है।
कोविड के कारण लगातार दो साल की मंदी के बाद बाजार में अब तेजी आई है। महंगाई में लगातार तेजी और उसे काबू करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाने की रिजर्व बैंक की पहल से कर्ज महंगा हो गया है। फिर भी उपभोक्ता बाजार में उत्साह दिख रहा है।
रेडसियर के अनुसार केवल ई-कॉमर्स कंपनियों को इस त्योहारी सीजन में 11.8 अरब डॉलर की बिक्री होने की उम्मीद है। यह कोविड पूर्व वर्ष 2019 में हुई 5 अरब डॉलर की बिक्री के मुकाबले दोगुनी से भी अधिक है।
उपभोक्ता उत्पादों के बीच कार डिलिवरी की रफ्तार पहले से ही बढ़ रही थी और नवरात्रि के कारण उसमें ज्यादा तेजी आई है। उद्योग सूत्रों के अुनसार पिछले 10 दिन में कुल 1.75 लाख यानी रोजाना 17,500 कारों की डिलिवरी हुई। पिछले साल इसी दौरान रोजाना करीब 8,000 कारों की डिलिवरी हुई थी।
कार बाजार की अग्रणी कंपनी मारुति सुजूकी ने 26 सितंबर से 5 अक्टूबर के दौरान कुल 81,000 वाहनों की डिलिवरी की। कंपनी के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि यह सीजन पिछले दो वर्षों में सबसे अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि बिक्री को त्योहारी सीजन के अलावा महीना खत्म होने के कारण भी तेजी मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन को मांग के अनुरूप लाना भी एक बड़ी चुनौती है। मारुति वैगनआर, ऑल्टो, सेलेरियो जैसी कारों का अधिक उत्पादन कर सकती है मगर विटारा, ब्रेजा, एक्सएल6 आदि प्रीमियम मॉडलों की मांग अधिक दिख रही है। उन्होंने कहा कि 5 अक्टूबर को मारुति के पास 4.20 लाख कारों की बुकिंग थी।