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भारत में बढ़ने लगे विदेशी सैलानी

Last Updated- December 11, 2022 | 5:03 PM IST

देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही दोबारा शुरू होने तथा कोविड नियमों में ढील के साथ ही विदेशी पर्यटकों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि अभी भी विदेशी पर्यटकों की संख्या 2019 के मुकाबले काफी कम है। 

मई में देश में कुल 423,000 से अधिक पर्यटक पहुंचे जो अप्रैल की अपेक्षा 7.8 फीसदी अधिक थे। पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल और मार्च में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या क्रमशः 392,930 और 342,308 थी। जनवरी से मई के बीच अमेरिका, बांग्लादेश, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा शीर्ष पांच देश थे जहां से सबसे अधिक (लगभग 65 फीसदी) पर्यटक आए थे। इसमें सबसे अधिक योगदान अमेरिका का था जहां से 25 फीसदी से अधिक पर्यटक आए थे।
जनवरी से मई तक आने वाले पर्यटकों की संख्या की अगर पिछले साल की इसी समयावधि से तुलना करें तो यह संख्या 437,225 से बढ़ कर 16 लाख से अधिक हो गई है। बीते वर्ष देश इस समयावधि में कोरोना महामारी से जूझ रहा था। 2019 के पहले पांच महीनों की तुलना में इस साल यह संख्या 64 फीसदी कम है। वर्ष 2019 में जनवरी से मई के बीच भारत में 45 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक आए थे।

 
सरकार ने मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा पर रोक लगा दी थी। कुछ महीनों बाद भारतीय नागरिक और विदेशी नागरिकों की कुछ श्रेणियों के लिए धीरे-धीरे यात्रा की इजाजत दी गई थी। इनमें व्यावसायिक, स्वास्थ्य और मेडिकल से जुड़े लोग, इंजीनियर और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे। पर्यटक वीजा अक्टूबर 2021 से दोबारा दिए जाने लगे लेकिन शुरुआत में चार्टर्ड उड़ानों से यात्रा करने वालों को ही अनुमति मिली थी। नवंबर से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों के लिए अनुमति मिल गई थी।
 
मुफ्त पर्यटक वीजा 
सरकार ने पर्यटन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए मार्च के अंत तक पर्यटन योजना के तहत 338,000 से अधिक मुफ्त पर्यटक वीजा जारी किए थे। पिछले साल जुलाई में ही केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि सरकार पर्यटन क्षेत्र को दोबारा मजबूती देने के लिए मार्च के अंत तक 500,000 मुफ्त वीजा देगी।

केंद्रीय पर्यटन सचिव अरविंद सिंह का कहना है कि सरकार के पास घरेलू पर्यटन को बढ़ाने के लिए दोहरी नीति है। सरकार का पर्यटन स्थल के बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यटकों को अच्छे अनुभव तथा कुशल मार्केटिंग पर ध्यान है। सिंह कहते हैं : ‘हमने उन देशों पर ध्यान दिया है जहां से हमारे यहां पर्यटक अधिक आते हैं। हम इसके लिए एक टीम का गठन कर चुके हैं। हम ऑनलाइन प्रचार पर भी ध्यान दे रहे हैं।
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए हम उन देशों में कार्यक्रम तथा कई अभियान चला रहे हैं। आने वाले महीनों में हम और घरेलू यात्रा में वृद्धि देखेंगे। सितंबर से त्योहारों की शुरुआत के साथ अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या बढ़ेगी।’

हालांकि ट्रैवल कंपनियों का मानना है कि सरकार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त उपाय नहीं कर रही है। उपभोक्ताओं की दिलचस्पी भारत के प्रति कम है। क्रिएटिव ट्रैवल के संयुक्त प्रबंध निदेशक राजीव कोहली ने कहा कि सरकार की ओर से विज्ञापन, प्रचार और प्रबंधन का भी कोई खास प्रयास नहीं किया जा रहा है।

थॉमस कुक इनबाउंड ट्रैवल डिवीजन के प्रबंध निदेशक दीपक देवा ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अक्टूबर तक व्यापार में तेजी आएगी। चीन विदेशी पर्यटकों के लिए बंद है और श्रीलंका में संकट के कारण भारत के पास पर्यटन के लिए एक बड़ा अवसर है। अगर हम अभी इसका लाभ नहीं उठाते हैं तो यह एक भारी गलती होगी। हमें अपने मार्केटिंग प्रयासों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। सरकार को ब्रिटेन के नागरिकों के लिए ई-वीजा जारी करना चाहिए। ब्रिटेन भारतीय पर्यटन के लिए एक प्रमुख बाजार है। जब तक सरकार ये कदम नहीं उठाती, तेज वृद्धि संभव नहीं होगी।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष राजीव मेहरा ने कहा, ‘बढ़ोतरी नहीं होने का एक और कारण देश में महंगी हवाई यात्रा और महंगे होटल हैं। इसके अलावा ब्रिटेन और कनाडा के नागरिकों को ई-वीजा जारी नहीं किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि अगले 6-8 महीनों में इन मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा।’

First Published - August 5, 2022 | 12:02 PM IST

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