भारतीय स्टेट बैंक के एक अध्ययन में शुक्रवार को कहा गया कि चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 8 फीसदी के दायरे में रह सकती है।
भारत ने दिसंबर तिमाही में 8.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और पिछली दो तिमाहियों के अनुमानों को संशोधित किया।
SBI ने अपनी शोध रिपोर्ट ‘इकोरैप’ में कहा, ‘तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों ने ज्यादातर बाजारों की सोच को झटका दिया, जबकि कुछ को सुखद आश्चर्य से भर दिया।’
इसमें कहा गया कि सभी अनुमानों को धता बताते हुए पिछली दो तिमाहियों में आठ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज करने के बाद 2023-24 की तीसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की।
अप्रत्यक्ष कर संग्रह में उछाल (सालाना आधार पर 32 प्रतिशत वृद्धि) से जीडीपी और सकल मूल्य वर्धित (जीवीए) वृद्धि के बीच अंतर बढ़ गया।
इकोरैप में कहा गया कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी वृद्धि 7.6 प्रतिशत और GVA वृद्धि 6.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
अध्ययन में कहा गया, ‘हमारा अनुमान है कि चौथी तिमाही की जीडीपी वृद्धि 5.9 प्रतिशत होगी। इस तरह वित्त वर्ष 2023-24 में जीडीपी वृद्धि दर आठ प्रतिशत के करीब रह सकती है।’