अर्थव्यवस्था

राजकोषीय घाटा थामने के लिए सरकार का बड़ा कदम, बजट खर्च में की ₹60,000 करोड़ की भारी कटौती

सरकार ने राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.4% पर सीमित रखने के लिए वित्त वर्ष 2026 के अपने कुल खर्च में लगभग 60,000 करोड़ रुपये की कटौती की है

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असित रंजन मिश्र   
Last Updated- June 01, 2026 | 10:58 PM IST

सरकार ने राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 फीसदी पर रोकने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2026 में अपने कुल व्यय को संशो​धित अनुमान से लगभग 60,000 करोड़ रुपये कम कर दिया है। 

नियंत्रक महालेखाकार (सीजीए) की ओर से आज जारी आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। 

वित्त वर्ष 2026 के लिए राजस्व व्यय में 26,636 करोड़ रुपये की कटौती की गई है जबकि पूंजीगत व्यय में 33,055 करोड़ रुपये की कमी की गई है। इससे कुल व्यय में 59,691 करोड़ रुपये की गिरावट आई और वह 49 लाख करोड़ रुपये रह गया है। इस प्रकार कुल व्यय को 50.65 लाख करोड़ रुपये के बजट अनुमान से 49 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।

वित्त वर्ष 3026 के दौरान राजस्व प्राप्तियों में कमी के कारण कुल प्राप्तियों के 34 लाख करोड़ रुपये के संशो​धित अनुमान में 20,368 करोड़ रुपये की गिरावट आई जिससे कुल व्यय में कटौती आवश्यक हो गई। व्यक्तिगत आयकर और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में व्यापक सुधारों के कारण राजस्व प्राप्तियों में कमी आई है। सरकार ने संशोधित अनुमान में 15.2 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान जाहिर किया था लेकिन वित्त वर्ष 2026 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को बनाए रखने के लिए इसे 39,323 करोड़ रुपये कम करना पड़ा है।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सरकार का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2026 के संशोधित अनुमान से 0.4 लाख करोड़ रुपये कम रहा। व्यय में 0.6 लाख करोड़ रुपये की कटौती के कारण ऐसा संभव हुआ। उन्होंने कहा, ‘इससे राजकोषीय घाटे को वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी के 4.4 फीसदी पर बनाए रखने में मदद मिली जो इस वित्त वर्ष के लक्ष्य के अनुरूप है भले ही नॉमिनल जीडीपी में गिरावट आई हो।’

नायर ने कहा कि बचत जमा, बचत प्रमाण पत्र और पीपीएफ पर प्राप्तियां संशो​धित अनुमान की तुलना में लगभग 1.0 लाख करोड़ रुपये अधिक रहीं जो अपेक्षा से अधिक है। उन्होंने कहा, ‘इससे सरकार के नकदी शेष में वृद्धि हुई जबकि संशो​धित अनुमान के अनुसार 457 अरब रुपये की निकासी हो सकती थी। उम्मीद है कि यह वित्त वर्ष 2027 में सरकार की वित्तीय स्थिति को कुछ हद तक सहारा मिलेगा और राजकोषीय ​स्लिपेजेज को बाजार उधारी में वृद्धि बदलने से रोकेगा।’

सीजीए ने अप्रैल के लिए केंद्रीय सरकार के वित्त आंकड़े भी जारी किए। इन आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2027 के पहले महीने में सरकार ने अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य का 21.4 फीसदी हिस्सा खर्च कर दिया जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 11.9 फीसदी था। नायर ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक निराशाजनक रही, जिसमें कर और गैर-कर राजस्व में एक साल पहले की समान अव​धि के मुकाबले गिरावट रही। साथ ही राजस्व एवं पूंजीगत व्यय में तेजी से विस्तार हुआ। ऐसे में अप्रैल 2026 में राजकोषीय घाटे में लगभग दोगुना वृद्धि हुई।

First Published : June 1, 2026 | 10:46 PM IST