वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी कटौती को वाजिब ठहराया। उन्होंने लोक सभा में बुधवार को कहा कि सितंबर, 2025 में जीएसटी दरों में सुधार किया गया था। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के प्रमाण मिले हैं। जीएसटी कटौती से वाहन, दो पहिया वाहन और ट्रैक्टर की बिक्री में जबरदस्त उछाल आई है।
सीतारमण ने वित्त विधेयक 2026 पर परिचर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष के इस दावे को नकारा कि जीएसटी में कटौती के परिणाम नहीं आए। उन्होंने बताया, ‘खुदरा यात्री वाहन बिक्री 26.1 प्रतिशत बढ़ी। यह जीएसटी लागू होने के बाद किसी भी फरवरी महीने के लिए अब तक का सबसे अधिक है।’ उन्होंने कहा कि ग्रामीण यात्री वाहन बिक्री में 34 प्रतिशत और दोपहिया वाहनों की बिक्री में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
ट्रैक्टरों की खरीद में 36.4 प्रतिशत की उछाल आई। सीमेंट उत्पादन में लगभग 9.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई। मासिक जीएसटी संग्रह में भी हाल के महीनों में लगातार वृद्धि दिख रही है। मंत्री ने कहा कि जीएसटी दर में बदलाव के बाद तमिलनाडु में दिसंबर 2025 में 8 प्रतिशत, जनवरी 2026 में 5 प्रतिशत और फरवरी 2026 में 18 प्रतिशत की एसजीएसटी वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर 2025 में जीएसटी की दरों में बदलाव लागू हुआ। इसमें कई टिकाऊ उपभोक्ता खंड में विशेष तौर पर कई वस्तुओं पर कर के स्लैब को घटा दिया गया था।
दरअसल, लोक वित्त और नीति के राष्ट्रीय संस्थान के पहले किए गए शोध में संकेत दिया गया था कि जीएसटी कटौती का असर उपभोक्ता कीमतों में एकसमान नहीं दिखा।
अध्ययन में पाया गया कि एक ओर एयर कंडीशनर और वाहनों जैसी उच्च-मूल्य वाली टिकाऊ वस्तुओं की कीमतें दर में कमी के बाद घट गईं। दूसरी तरफ भोजन, घरेलू सामान और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों सहित कई बार-बार इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं की कीमतें बाद के महीनों में बढ़ती रहीं। मंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए ‘पहले सुविधा, बाद में प्रवर्तन’ दृष्टिकोण दोहराया।
उन्होंने कहा कि विलंबित ऑडिट जैसे तकनीकी चूक अभियोजन के बजाय निश्चित जुर्माने को आकर्षित करेंगे। उन्होंने शून्य कटौती प्रमाणपत्र जारी करने के लिए नियम-आधारित स्वचालन की भी घोषणा की। यह विधेयक कृषि और सहकारी समितियों के मामले में दूध, फल, सब्जियों, पशु चारा और कपास के बीज की आपूर्ति करने वाले प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए कर कटौतियों का विस्तार करता है जबकि सदस्यों को दिए जाने वाले लाभांश आय को अनुकूल कर उपचार प्राप्त होगा।
इस क्रम में भारत के मछली पकड़ने वाले जहाजों को विशेष आर्थिक क्षेत्र और गहरे समुद्र सीमा में मछली पकड़ने की स्थिति में शुल्क से भी छूट दी जाएगी। सीतारमण ने उपकरों और अधिभारों के निरंतर उपयोग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि प्राप्तियां पूरी तरह से राज्य-केंद्रित योजनाओं के लिए दी जाती हैं और हाल के वर्षों में उपयोग संग्रह से अधिक रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेटा केंद्रों के लिए कर प्रोत्साहन घरेलू अवसंरचना निर्माण और स्थानीय मूल्य संवर्धन पर सशर्त हैं, जिसमें निवेश का अनुमान 70 अरब डॉलर है।
वित्त मंत्री ने 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी नए आयकर अधिनियम में प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला। इनका उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, अपील की सीमा बढ़ाना और मुकदमेबाजी को कम करना है। हालांकि सरकार के राजकोषीय समेकन के मार्ग पर प्रशस्त होने को दोहराया।