वस्तु एवं सेवा कर नेटवर्क (GSTN) ने जीएसटी को प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करने के लिए नए सेवा प्रदाता की तलाश शुरू कर दी है। इंफोसिस का प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करने का अनुबंध सितंबर 2024 में समाप्त होने वाला है।
परामर्श कंपनी को प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया और जीएसटीएन की आईटी सेवा का किसी अन्य प्रौद्योगिकी कंपनी में निर्बाध स्थानांतरण सुनिश्चित करना होगा। ऐसी कंपनी जो एक अक्टूबर 2024 से शुरू होने वाले अगले सात वर्षों तक जीएसटी प्रणालियों के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर प्रदान करेगा।
अप्रत्यक्ष कर सुधार जीएसटी एक जुलाई 2017 को भारत में लागू किया गया था। इसे लागू करने से पहले सितंबर 2015 में इंफोसिस को जीएसटी नेटवर्क के लिए प्रौद्योगिकी का निर्माण करने का काम सौंपा गया था।
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GSTN ने एक बयान में कहा, ‘‘ जीएसटी प्रणाली के विकास, संवर्द्धन व संचालन के लिए वर्तमान प्रबंधित सेवा प्रदाता (एमएसपी) के अनुबंध की अवधि पूरी होने वाली है।
जीएसटीएन एक अक्टूबर 2024 से शुरू होने वाले सात वर्षों के अगले कार्यकाल के दौरान जीएसटी प्रणाली के संचालन के लिए एमएसपी नियुक्त करने के वास्ते बोली लेना चाहता है।’’ बोली दाखिल करने की अंतिम तारीख पांच सितंबर है। इंफोसिस को इस संबंध में जानकारी हासिल करने के लिए ईमेल भेजा गया, लेकिन खबर लिखने तक उसका कोई जवाब नहीं मिला।