अर्थव्यवस्था

Hotel Stocks: जनवरी-फरवरी में बूम, मार्च में झटका; फिर भी ब्रोकरेज ने इन 6 स्टॉक्स को दी खरीदने की सलाह

जनवरी-फरवरी की तेजी के बाद मार्च में झटका, फिर भी होटल सेक्टर में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद बरकरार

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- March 19, 2026 | 1:43 PM IST

Hotel Stocks: देश की होटल इंडस्ट्री इस समय दो अलग-अलग हालातों के बीच खड़ी है। एक तरफ तेजी से बढ़ती मांग, महंगे होते कमरे और मजबूत कमाई का दौर चल रहा है, तो दूसरी तरफ अचानक बढ़ी वैश्विक अनिश्चितताओं ने इस रफ्तार पर हल्का सा ब्रेक लगा दिया है।

एचवीएस एनारॉक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में होटल सेक्टर ने स्थिर लेकिन मजबूत प्रदर्शन दिखाया। प्रति कमरा कमाई (RevPAR) में 5% की बढ़त दर्ज हुई, जबकि औसत कमरे का किराया (ARR) 4% बढ़ा। हालांकि ऑक्यूपेंसी लगभग वहीं की वहीं रही। इस बीच, बेंगलुरु ने बाकी शहरों को पीछे छोड़ते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

जनवरी की यह स्थिरता फरवरी में जबरदस्त तेजी में बदल गई। कॉरपोरेट ट्रैवल और बड़े इवेंट्स ने होटल इंडस्ट्री को नई ऊर्जा दी। दिल्ली में आयोजित एआई समिट जैसे आयोजनों ने होटलों की मांग को बढ़ा दिया। ऐसा लग रहा था कि यह सेक्टर एक लंबी उड़ान भरने वाला है। लेकिन तभी मार्च में तस्वीर थोड़ी बदल गई।

Hotel Stocks: मार्च में क्या हुआ?

भू-राजनीतिक तनाव ने अचानक अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर असर डालना शुरू कर दिया। विदेशी पर्यटकों की आमद कम होने लगी और कई बुकिंग कैंसिल हो गईं। खासकर अप्रैल और मई के लिए पहले से की गई कुछ बुकिंग भी प्रभावित हुईं। वजह बनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ती यात्रा लागत।

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इसका सबसे ज्यादा असर लक्जरी होटलों पर पड़ा, क्योंकि उनके 30 से 50 प्रतिशत ग्राहक विदेश से आते हैं। वहीं, राहत की बात यह रही कि घरेलू यात्रियों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है, जिसने सेक्टर को पूरी तरह गिरने नहीं दिया।

शहर प्रदर्शन
बेंगलुरु ARR में 15–17% तेज बढ़त
पुणे 11–13% की अच्छी ग्रोथ
मुंबई 5–7% की गिरावट

आगे की राह: डर भी, उम्मीद भी

अगर मौजूदा वैश्विक तनाव ज्यादा लंबा नहीं खिंचता, तो होटल इंडस्ट्री की रफ्तार बनी रह सकती है। ICICI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 से 2028 के बीच कमरे के किराए में हर साल 6–8% की बढ़त हो सकती है। साथ ही, होटल कंपनियों की कमाई (EBITDA) भी 15–20% सालाना की दर से बढ़ने का अनुमान है। इसकी बड़ी वजह यह है कि मांग की रफ्तार सप्लाई से ज्यादा रहने वाली है।

पहलू अनुमान
मांग (Demand CAGR) 10%
सप्लाई (Supply CAGR) 5–6%
ARR ग्रोथ 6–8% सालाना

बदल रही है विस्तार की रणनीति

अब होटल कंपनियां खुद होटल बनाने के बजाय “मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट” मॉडल को ज्यादा पसंद कर रही हैं। आने वाले वर्षों में 80% से ज्यादा नए कमरे इसी तरीके से जुड़ने की उम्मीद है। इससे कंपनियों का खर्च कम होगा और मुनाफा बढ़ेगा।

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Hotel Stocks: निवेशकों के लिए क्या संकेत?

रिपोर्ट में इंडियन होटल्स, आईटीसी होटल्स, लीला पैलेसेज, शैलेट होटल्स, लेमन ट्री होटल्स और ब्रिगेड होटल वेंचर्स पर भरोसा जताया गया है और इन्हें खरीदने की सलाह दी गई है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : March 19, 2026 | 1:43 PM IST