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US में interest Rate कम होने से भारत पर कैसे पड़ता है असर? ब्याज दर में कटौती से क्या होगा फायदा?

कैरी ट्रेड्स से फायदा हो सकता है। यह एक ऐसी रणनीति जहां व्यापारी बांड जैसी ज्यादा यील्ड वाले एसेट्स खरीदने के लिए अमेरिकी डॉलर जैसी कम यील्ड वाली करेंसीज उधार लेते हैं।

Last Updated- February 20, 2024 | 8:16 AM IST
US Fed interest rates

बीते कुछ समय में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने महंगाई पर काबू रखने के लिए अपनी ब्याज दरों पर में काफी बढ़ोतरी की थी। इस आक्रामक तेजी ने न सिर्फ यूएस बल्कि अन्य देशों के लिए भी चिंताएं पैदा कर दी थी।

हालांकि अभी ये उम्मीद की जा रही है कि फेड इस साल के अंत तक ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। अब ये कदम डॉलर के लिए तो भले ही पॉजिटिव न हो लेकिन दूसरी और कुछ एशियाई करेंसीज को इससे फायदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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क्या होता है ब्याज दर का असर

उच्च ब्याज दरें किसी देश की करेंसी को बढ़ावा देती हैं और साथ ही इससे विदेशी निवेश को भी आकर्षित किया जाता है। ग्लोबल लेवल पर देखें तो अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आम तौर पर उभरते बाजारों के लिए अच्छा संकेत होता है। खास तौर पर ऐसा तब होता है जब फेड आर्थिक संकट के बाहर ब्याज दरों में कटौती करता है।

सीएमई फेडवॉच टूल के मुताबिक, जून 2024 में फेड 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर सकता है। जनवरी में हुई बैठक के दौरान फेड ने बेंचमार्क उधार दर को 5.25% और 5.5% के बीच रखने पर सहमति दी है। एक्सपर्ट्स की मानें तो फेड की इस कटौती से चीनी युआन, कोरियाई वोन और भारतीय रुपये जैसी करेंसीज को फायदा होगा।

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भारत को कैसे होगा फायदा

यूस में ब्याज दरों के कम होने से भारत पर कैसे फायदा होगा? इस सवाल के लिए रुख करना होगा भारतीय रुपये की तरफ, भारतीय रुपए को इस साल कैरी ट्रेड्स से फायदा हो सकता है। यह एक ऐसी रणनीति जहां व्यापारी बांड जैसी ज्यादा यील्ड वाले एसेट्स खरीदने के लिए अमेरिकी डॉलर जैसी कम यील्ड वाली करेंसीज उधार लेते हैं। एक बार जब अमेरिका में ब्याज दरों में गिरावट आती है, तो हम कैरी ट्रेड को संभव बनाने के लिए ब्याज दर के अंतर को और वाइड होते देखेंगे। इसलिए ये भारतीय करेंसी के लिए भी सकारात्मक हैं।

पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो डॉलर के मुकाबले रुपया 82.82 तक मजबूत हो गया है। 2023 में करेंसी में 0.6% की गिरावट आई, जो पिछले साल की 11% की गिरावट की तुलना में डॉलर के मुकाबले बहुत कम है।

First Published - February 20, 2024 | 7:51 AM IST

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