रियायती दरों पर वस्तु का आयात करने वालों को इन उत्पादों के वास्तविक उपयोग की जानकारी सीमा शुल्क विभाग के पोर्टल पर डालनी होगी। यह जानकारी मासिक के साथ-साथ सालाना आधार पर पोर्टल पर डालनी है।
अधिकारी इसकी ट्रैकिंग करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि इन वस्तुओं का उपयोग प्रतिस्थापन बाजार में न होकर विनिर्माण में किया जाएगा। केपीएमजी के अप्रत्यक्ष कर पार्टनर अभिषेक जैन ने बताया कि अगर अन वस्तुओं का उपयोग प्रतिस्थापन बाजार में किया जाता है तो इनपर सामान्य दरें लागू होंगी। सीमा शुल्क (निर्दिष्ट उपयोग के लिए रियायती शुल्क पर वस्तुओं का आयात) नियमों के तहत कम दरें टेलिकॉम, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे क्षेत्रों के लिए लागू होती हैं।
यह जानकारी भारतीय सीमा शुल्क के ऑनलाइन पोर्टल और केंद्रीय उत्पाद शुल्क इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स/ इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज गेटवे (आईसीईगेट) पर देनी होगी। हालांकि आईसीईगेट पिछले कई वर्षों से है, अब यह सीमा शुल्क (निर्दिष्ट उपयोग के लिए रियायती शुल्क पर वस्तुओं का आयात) नियम, 2022 में निर्दिष्ट किया गया है। पूंजीगत वस्तुओं के निपटान में भी सीमा शुल्क में मूल्यह्रास का दावा इन नियमों के अधीन है।