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Import Regulations: सरकार ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले IT और इलेक्ट्रॉनिक सामानों के आयात पर सख्ती जारी रखी

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि आयात नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बस इतना हुआ है कि जो नियम 2012 वाले थे, उन्हें अब 2021 के नियमों से अपडेट कर दिया गया है।

Last Updated- May 21, 2024 | 4:50 PM IST
Like steel, laptop-PC imports will be closely monitored!

सरकार ने 20 मई को एक नोटिफिकेशन जारी कर गैर-रजिस्टर IT और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के आयात पर रोक जारी रखी है। इसका मतलब है कि नए, पुराने या नवीनीकृत आईटी और इलेक्ट्रॉनिक सामानों के आयात पर रोक रहेगी, जब तक कि वे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के साथ रजिस्टर न हों और उसकी लेबलिंग आवश्यकताओं का पालन न करें। आयात नीति को ‘इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी वस्तुओं (अनिवार्य पंजीकरण आदेश), 2021’ के तहत नोटिफाई किया गया है।

एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ को बताया कि आयात नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। बस इतना हुआ है कि जो नियम 2012 वाले थे, उन्हें अब 2021 के नियमों से अपडेट कर दिया गया है। पहले भी आप बिना रजिस्ट्रेशन वाले सामान नहीं मंगवा सकते थे, अब भी यही बात है।

नोटिफिकेशन के अनुसार, अगर आप बिना रजिस्ट्रेशन कराए सामान मंगवाते हैं, तो वो सामान बंदरगाह पर पहुंचने के बाद वापस उसी देश को भेजना होगा जहां से आया है। नोटिफिकेशन में लिखा है कि “अन्यथा, सीमा शुल्क अधिकारी उस सामान को पूरी तरह से खराब कर देंगे और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सूचित करते हुए उसे कबाड़ के रूप में बेच देंगे।”

आम तौर पर, BIS सर्टिफिकेट लेना जरूरी नहीं होता (स्वैच्छिक है)। लेकिन, अगर लोगों की सुरक्षा का सवाल हो, या किसी चीज से धोखाधड़ी होने का खतरा हो, तो सरकार इसे जरूरी बना सकती है। ये सर्टिफिकेट ये बताता है कि विदेश से आने वाला सामान भी सुरक्षित है। साथ ही, आयात करने वाले को भी सीमा शुल्क पर कोई दिक्कत नहीं होती। (BIS सर्टिफिकेट – एक ऐसा प्रमाणपत्र जो दिखाता है कि कोई उत्पाद भारतीय मानक के हिसाब से बना है)

First Published - May 21, 2024 | 4:50 PM IST

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