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भारत का निर्यात मार्च में 7.44 फीसदी घटकर 38.92 अरब डॉलर रह गया। वहीं, आयात भी 6.51 प्रतिशत घटकर 59.59 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले साल इसी महीने 63.75 अरब डॉलर था। सरकार की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। यह गिरावट होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख ट्रेड रूट में आई बाधाओं के चलते आई है, जो पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण प्रभावित हुए हैं। इस दौरान देश का व्यापार घाटा 20.67 अरब डॉलर रहा।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि चुनौतियों के बावजूद देश का निर्यात अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल निर्यात 4.22 फीसदी बढ़कर 860 अरब डॉलर हो गया। वहीं, अप्रैल-मार्च 2025-26 के दौरान मर्चेंडाइज निर्यात 1 प्रतिशत बढ़कर 441.78 अरब डॉलर रहा, जो 2024-25 में 437.7 अरब डॉलर था। इसी अवधि में आयात बढ़कर 774.98 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले वर्ष 721.2 अरब डॉलर था। सेवाओं का निर्यात 2025-26 में 418.31 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।
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वाणिज्य सचिव ने कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण मार्च में पश्चिम एशियाक्षेत्र को भारत का निर्यात 57.95 फीसदी घट गया। इसी तरह उस क्षेत्र से आयात भी 51.64 फीसदी कम हो गया। वाणिज्य सचिव ने यह भी कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता अगले महीने लागू हो सकता है।