अर्थव्यवस्था

रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार: पश्चिम एशिया संकट के बावजूद अप्रैल में भारत का निर्यात 13.8% उछला

अप्रैल में भारत का वस्तु निर्यात 13.8% बढ़कर चार साल के उच्च स्तर पर पहुंचा, लेकिन सोने-चांदी के भारी आयात से व्यापार घाटा भी बढ़कर 28.38 अरब डॉलर हो गया

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- May 16, 2026 | 9:29 AM IST

पश्चिम एशिया में संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने के बावजूद अप्रैल में भारत का वस्तु निर्यात 13.8 फीसदी बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया जो पिछले चार साल का सर्वोच्च स्तर है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से आज जारी आंकड़ों से यह खुलासा हुआ है। मगर इस दौरान सोना-चांदी के बढ़ते आयात के कारण व्यापार घाटे में भी वृद्धि हुई। अप्रैल में व्यापार घाटा 

28.38 अरब डॉलर रहा जो तीन महीने का उच्च स्तर है। आयात 10 फीसदी बढ़कर 71.94 अरब डॉलर हो गया जो 6 महीने का सर्वोच्च स्तर है।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि कमोडिटी कीमतों में तेजी और भारतीय उद्योग द्वारा बाजारों में विविधता लाने के प्रयासों से निर्यात में वृद्धि हुई। चीन और सिंगापुर को हुए निर्यात में काफी वृद्धि दर्ज की गई जबकि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ व्यापार होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी के कारण दबाव में आ गया।

अप्रैल में पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं ने निर्यात बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाई। पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 34.7 फीसदी बढ़कर 9.59 अरब डॉलर हो गया। इसी प्रकार इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का निर्यात 40.3 फीसदी बढ़कर 5.18 अरब डॉलर हो गया।

जहां तक आयात की बात है तो सोने के शिपमेंट अप्रैल में 81.7 फीसदी बढ़कर 5.63 अरब डॉलर हो गए और चांदी का आयात दोगुना से अधिक होकर 41.10 करोड़ डॉलर हो गया। 

वाणिज्य मंत्रालय के अनुमान के अनुसार अप्रैल में सेवाओं का निर्यात 37.24 अरब डॉलर रहा जो एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 13.4 फीसदी अधिक है। सेवाओं के आयात का अनुमान 16.66 अरब डॉलर रहा जो अप्रैल 2025 के 16.91 अरब डॉलर से थोड़ा कम है। इससे भारत को 20.58 अरब डॉलर का अनुमानित सेवा व्यापार अधिशेष मिला। भारतीय रिजर्व बैंक संभवत: इस महीने के आखिर में अंतिम आंकड़े जारी करेगा।

संयुक्त अरब अमीरात के साथ भारत के व्यापार पर पश्चिम एशिया संकट का असर दिखा जहां अप्रैल में निर्यात और आयात दोनों में 30 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। भारत के कच्चे तेल के आयात में भी 10 फीसदी की गिरावट आई और वह 18.63 अरब डॉलर रहा। अप्रैल में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना रहा। मगर निर्यात एक साल पहले की समान अवधि में 8.38 अरब डॉलर के मुकाबले मामूली बढ़कर 8.48 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान अमेरिका से आयात 4.7 फीसदी घटकर 5.27 अरब रहा।

सिंगापुर को निर्यात अप्रैल में लगभग तिगुना होकर 3.20 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल में चीन को वस्तु निर्यात 27 फीसदी बढ़कर 1.77 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान चीन भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत बना रहा और शिपमेंट 20.9 फीसदी बढ़कर 11.97 अरब डॉलर हो गया।

First Published : May 16, 2026 | 9:29 AM IST