अर्थव्यवस्था

महंगाई अभी काबू में, लेकिन आगे बढ़ सकता है खतरा, HDFC बैंक की रिपोर्ट ने दी चेतावनी

मार्च में गैस और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद इसका पूरा असर आम लोगों तक नहीं पहुंचा, जिससे महंगाई ज्यादा नहीं बढ़ी

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देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- April 15, 2026 | 8:51 AM IST

India Inflation: एक तरफ राहत, दूसरी तरफ खतरे की आहट। देश में महंगाई फिलहाल काबू में नजर आ रही है, लेकिन इसके पीछे छिपे संकेत आने वाले समय के लिए चिंता बढ़ा रहे हैं। HDFC बैंक की ताजा रिपोर्ट बताती है कि मार्च 2026 में खुदरा महंगाई दर 3.40 प्रतिशत रही, जो अभी आरामदायक स्तर पर है, लेकिन धीरे-धीरे दबाव बनना शुरू हो गया है।

ऊर्जा महंगी, लेकिन असर अभी सीमित

महंगाई का विवरण (साल-दर-साल%)

श्रेणी जनवरी 2026 फरवरी 2026 मार्च 2026
कुल महंगाई (CPI) 2.7 3.2 3.4
कोर महंगाई (खाद्य और ईंधन छोड़कर) 3.4 3.4 3.3
खाद्य और पेय पदार्थ 2.1 3.4 3.7
ईंधन 0.2 0.1 1.7
आवास 2.0 2.1 2.1
कपड़े और जूते 3.0 2.8 2.8
स्वास्थ्य 2.2 1.9 1.8
शिक्षा 3.3 3.3 3.3
ट्रांसपोर्ट 0.1 0.0 0.0
पर्सनल केयर और अन्य 19.1 19.7 18.6

Source: MoSPI, HDFC Bank

मार्च में गैस और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी हुई, खासकर एलपीजी सिलेंडर महंगा हुआ। इसके बावजूद इसका पूरा असर आम लोगों तक नहीं पहुंचा, जिससे महंगाई ज्यादा नहीं बढ़ी। लेकिन यह राहत कितने समय तक रहेगी, यह बड़ा सवाल है।

रिपोर्ट के अनुसार, ईंधन महंगाई तेजी से बढ़कर 1.7 प्रतिशत हो गई, जो फरवरी में लगभग ना के बराबर थी। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने का इसमें बड़ा योगदान रहा। वहीं, खाने-पीने की चीजों की महंगाई भी बढ़कर 3.7 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ सकता है।

खाने और ईंधन को छोड़कर बाकी चीजों की कीमतों में थोड़ी राहत जरूर दिखी और कोर महंगाई घटकर 3.3 प्रतिशत हो गई। सोने और चांदी की कीमतों में नरमी इसका कारण रही, लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक टिकेगी या नहीं, इस पर नजर है।

India Inflation: आने वाले समय में बढ़ सकती है महंगाई

HDFC बैंक का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में महंगाई औसतन 4.9 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यानी अभी जो स्थिति शांत दिख रही है, वह आगे चलकर गर्म हो सकती है। खासकर अगर तेल की कीमतें बढ़ती रहीं, तो असर और तेज हो सकता है। रिपोर्ट में एक और बड़ा खतरा सामने आया है। मौसम विभाग ने इस बार मानसून सामान्य से कम रहने का अनुमान जताया है। अगर ऐसा हुआ, तो फसल पर असर पड़ेगा और खाने-पीने की चीजों के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं।

RBI का रुख क्या रहेगा

फिलहाल रिजर्व बैंक के रुख में बदलाव की उम्मीद नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बनी रह सकती है। यानी अभी केंद्रीय बैंक स्थिति को देखना चाहता है, बिना जल्दबाजी में कोई फैसला लिए।

बाजार की शांत प्रतिक्रिया

महंगाई के आंकड़ों का बॉन्ड बाजार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड करीब 6.94 प्रतिशत के आसपास बनी रही, जो यह दिखाता है कि बाजार ने फिलहाल इन आंकड़ों को स्थिर माना है।

First Published : April 15, 2026 | 8:51 AM IST