अर्थव्यवस्था

एफटीए के साथ भारत-न्यूजीलैंड रिश्ते मजबूत, निवेश बढ़ेगा और छात्रों की आवाजाही होगी आसान

मुक्त व्यापार समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करने की सुविधा प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है।

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यश कुमार सिंघल   
Last Updated- April 29, 2026 | 9:09 AM IST

भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से निर्यात, विशेष रूप से श्रम आधारित निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पिछले साल अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ से यह निर्यात काफी प्रभावित हुआ था।

वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-दिसंबर) के दौरान न्यूजीलैंड को भारत से सबसे अधिक निर्यात इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्पादों का हुआ, लेकिन न्यूजीलैंड को निर्यात भारत के कुल निर्यात का बेहद मामूली हिस्सा 0.13 प्रतिशत ही है। इसी तरह, वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल-फरवरी) के दौरान भारत के कुल आयात में न्यूजीलैंड से आयात की हिस्सेदारी भी केवल 0.07 प्रतिशत रही।

यही नहीं, मुक्त व्यापार समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करने की सुविधा प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह वादा इस तथ्य को देखते हुए काफी बड़ा है कि वित्त वर्ष 2007 से 2025 तक न्यूजीलैंड से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का मूल्य 8.34 करोड़ डॉलर रहा।

इस आपसी समझौते में न्यूजीलैंड पहली बार छात्रों की आवाजाही और अध्ययन के बाद कार्य वीजा के लिए भारत के साथ आसान प्रक्रिया अपनाएगा। यह कदम कोविड-19 से प्रभावित वर्ष 2020 के बाद से न्यूजीलैंड द्वारा भारतीयों को जारी किए जाने वाले छात्र और कार्य वीजा की संख्या में आई गिरावट को देखते हुए उठाया
गया है।

First Published : April 29, 2026 | 9:09 AM IST