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भारत प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) में कनाडा से निवेश प्रतिबद्धताओं पर जोर दे सकता है। इस मामले से अवगत एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत का यह रुख हाल में हुए अन्य मुक्त व्यापार समझौतों के प्रावधानों के अनुरूप होगा।
अधिकारी ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर कहा, ‘दोनों पक्ष साथ बैठकर यह तय करेंगे कि निवेश की कितनी मात्रा उचित रहेगी।’ उन्होंने कहा, ‘हमें यह देखना होगा कि क्या यह अगले 10 से 15 वर्षों में 50 अरब डॉलर या 100 अरब डॉलर हो सकता है।’हाल में न्यूजीलैंड के साथ हुए समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर के एफडीआई की प्रतिबद्धता जताई है। इसी प्रकार चार देशों के यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) में 15 वर्षों के दौरान 100 अरब डॉलर के एफडीआई की प्रतिबद्धता शामिल है।
कनाडा के साथ एफटीए के तहत एफडीआई प्रतिबद्धता पर चर्चा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के पिछले सप्ताह उत्तरी अमेरिकी देश की यात्रा के बाद हो रही है। इस यात्रा के दौरान गोयल ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और वहां के विदेश व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू से मुलाकात की ताकि व्यापार समझौते पर बातचीत को तेज किया जा सके। यह बातचीत दो साल के ठहराव के बाद पिछले साल फिर से शुरू हुई है। गोयल ने बुधवार को मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने पिछले सप्ताह अपनी यात्रा के दौरान देखा कि कनाडा के कारोबारी नेताओं के बीच भारत में निवेश के लिए जबरदस्त दिलचस्पी है।
गोयल ने कहा, ‘हमें जिस तरह का स्वागत किया गया, कनाडा में हमने जो उत्साह देखा, मुक्त व्यापार समझौते के लिए जो समर्थन मिला और जब मैं कई अलग-अलग पेंशन फंड, बीमा कंपनियों एवं निवेशकों से मिला तो मैंने निवेशकों में जो दिलचस्पी देखी, वह सचमुच काफी संतोषजनक और बेहद रोमांचक थी।’
कनाडा के लिए अब तक के सबसे बड़े भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए, गोयल ने ओटावा और टोरंटो की यात्रा की। इस प्रतिनिधिमंडल में 100 से अधिक उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने फेयरफैक्स फाइनैंशियल होल्डिंग्स के चेयरमैन प्रेम वत्स, मैनुलाइफ फाइनैंशियल कॉरपोरेशन के अध्यक्ष फिलिप विदरिंगटन, सन लाइफ फाइनैंशियल के अध्यक्ष केविन स्ट्रेन सहित कनाडा के प्रमुख कारोबारी जगत के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की।
मंत्री ने कनाडा की कंपनियों को वित्तीय सेवा, दुर्लभ खनिज, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस, दूरसंचार और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया। दोनों पक्षों ने कनाडा-भारत व्यापार एवं निवेश फोरम को भी लॉन्च किया जो कारोबारियों के लिए द्विपक्षीय वाणिज्यिक संबंधों का विस्तार करने का एक समर्पित प्लेटफॉर्म है।
पिछले चार वर्षों के दौरान भारत में कनाडा से एफडीआई लगभग दोगुना हो चुका है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के ताजा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कनाडा वित्त वर्ष 2026 में भारत का 16वां सबसे बड़ा एफडीआई स्रोत था। वहां से अप्रैल 2000 के बाद 4.34 अरब डॉलर का कुल निवेश हुआ है।
कनाडा की वित्तीय कंपनी फेयरफैक्स के चेयरमैन ने पिछले सप्ताह गोयल से मुलाकात की थी। उन्होंने भारत की आईडीबीआई बैंक में 60 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करने के लिए अपनी बोली जमा करने की भी बात कही है। आईडीबीआई बैंक फिलहाल सरकारी रणनीतिक विनिवेश प्रक्रिया के अधीन है। आर्थिक साझेदारी को गति देने के एक अन्य संकेत के तहत कनाडा के मंत्री सिद्धू ने घोषणा की है कि वह इस साल के आखिर में भारत के लिए एक व्यापार मिशन का नेतृत्व करेंगे।
दोनों देशों ने नवंबर तक एफटीए को अंतिम रूप देने और द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2026 में 7.96 अरब डॉलर का था।