facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

India-US trade: भारत-अमेरिका व्यापार बढ़ेगा, ब्लैकस्टोन भारत में बड़ा निवेश करेगा

Advertisement

ब्लैकस्टोन के CEO स्टीफन श्वार्जमैन बोले – भारत के लिए अच्छे हैं मौके, निवेश होगा दोगुना

Last Updated- March 12, 2025 | 10:37 PM IST
India US

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता सुचारु रहने की उम्मीद है। यह बात दुनिया की सबसे बड़ी वैकल्पिक निवेश फर्म ब्लैकस्टोन ग्रुप के चेयरमैन, सीईओ एवं सह-संस्थापक स्टीफन ए. श्वार्जमैन ने कही। उन्होंने कहा कि पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान वहां के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ बैठक से लगता है कि दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता सुचारु रहेगी।

श्वार्जमैन ने कहा कि शुल्क और व्यापार वार्ता सभी के लिए बड़ी चिंता है। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका उचित प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रमुख व्यापार भागीदारों के साथ शुल्क कोटा निर्धारित करना चाहता है। मगर भारत इस लिहाज से अच्छी स्थिति में है। मोदी और ट्रंप की बैठक काफी कारगर रही और उन्होंने व्यापार समझौते के लिए सहमति जताई है। दुनिया में कुछ ही ऐसे देश हैं जिन्होंने ऐसा किया है। हालांकि कुछ रियायतें करनी पड़ेंगी, मगर मैं उम्मीद करता हूं कि वार्ता सुचारु रहेगी।’ श्वार्जमैन भारत में ब्लैकस्टोन के पहले निवेश की 20वीं वर्षगांठ पर यहां आए हैं।

ब्लैकस्टोन ने 2005 में 1 अरब डॉलर के निवेश के साथ भारत में अपने सफर की शुरुआत की थी। पिछले 20 साल के दौरान भारत में उसने करीब 50 अरब डॉलर का निवेश किया है। श्वार्जमैन ने कहा कि भविष्य में ब्लैकस्टोन अपने निवेश को बढ़ाकर दोगुना यानी 100 अरब डॉलर करेगी। मगर इसके लिए उन्होंने किसी समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया। ब्लैकस्टोन दुनिया भर में करीब 1.1 लाख करोड़ डॉलर की परिसंपत्तियां संभालती है।

दुनिया पर ट्रंप शुल्क के प्रभाव के बारे में श्वार्जमैन ने कहा कि फिलहाल उस पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी क्योंकि उसका परिणाम अनिश्चित है। उन्होंने कहा, ‘हमें नहीं पता कि उसका क्या प्रभाव होगा और उससे क्या बदलाव होंगे। मगर मुझे लगता है कि अमेरिका में विनिर्माण गतिविधियां काफी बढ़ जाएंगी और उससे अमेरिका की वृद्धि दर बढ़नी चाहिए। अगर ऐसा हुआ तो वह बाकी दुनिया के लिए भी अच्छा रहेगा। एक परिस्थिति यह है कि अमेरिका तेजी से वृद्धि करेगा तो खपत भी अधिक होगी। ऐसी कई अन्य परिस्थितियां हो सकती हैं जिसके बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी।’

श्वार्जमैन ने कहा कि भारत दुनिया में तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, ‘हालांकि चुनौतियां बरकरार हैं, लेकिन अन्य बाजारों के मुकाबले भारत की चुनौतियों को आसानी से दूर किया जा सकता है। तेजी से बढ़ती अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तरह भारत भारी ऋण बोझ अथवा रियल एस्टेट संकट जैसी चुनौतियों से नहीं जूझ रहा है। ऐसे में भारत की वृद्धि अधिक टिकाऊ होगी। बाजार में उतार-चढ़ाव और राजनीतिक मुद्दों के बावजूद दीर्घावधि परिदृश्य सकारात्मक रहने के आसार हैं।’

श्वार्जमैन ने कहा कि भारत में बुनियादी ढांचे के निर्माण की जबरदस्त आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत में जनसंख्या वृद्धि एक अन्य सकारात्मक कारक है क्योंकि इससे आर्थिक विस्तार को बल मिलता है। वाणिज्यिक रियल एस्टेट के बारे में उन्होंने कहा कि ब्याज दरें कम होने से रियल एस्टेट के मूल्य बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि दरें कम होने पर उधारी लागत घटती है और प्रॉपर्टी का मूल्य बढ़ता है।

ब्लैकस्टोन के एशिया प्रमुख (निजी इक्विटी) अमित दीक्षित ने कहा कि पिछले 20 वर्षों के दौरान भारत का निजी इक्विटी क्षेत्र काफी विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले निजी इक्विटी का मतलब महज 2-3 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री होती थी। मगर आज निजी इक्विटी के निवेश का दायरा विभिन्न क्षेत्रों तक बढ़ चुका है।

Advertisement
First Published - March 12, 2025 | 10:37 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement