facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Manufacturing PMI: फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ सुस्त, PMI 14 महीने के लो पर, नए ऑर्डर और प्रोडक्शन में आई कमी

Advertisement

HSBC द्वारा जारी और S&P Global द्वारा संकलित इस रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पादन और बिक्री में सुस्ती के साथ इनपुट खरीदारी 14 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने से यह गिरावट आई।

Last Updated- March 03, 2025 | 5:16 PM IST
MSME

Manufacturing PMI: भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ फरवरी में सुस्त रही। देश के मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) में गिरावट दर्ज की गई, जो जनवरी में 57.7 से घटकर फरवरी 2025 में 14 महीने के निचले स्तर 56.3 पर आ गया। यह दिसंबर 2023 के बाद का सबसे धीमा विस्तार है। HSBC द्वारा जारी और S&P Global द्वारा संकलित इस रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पादन और बिक्री में सुस्ती के साथ इनपुट खरीदारी 14 महीने के निचले स्तर पर पहुंचने से यह गिरावट आई। हालांकि, मांग बनी रही, लेकिन महंगाई के दबाव के चलते कंपनियों ने बढ़ती श्रम लागत (labour costs) का बोझ ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया।

PMI 56.3 पर फिसला; लेकिन मांग बनी रही

HSBC की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट प्रांजुल भंडारी ने कहा, “फरवरी में भारत का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 56.3 दर्ज किया गया, जो पिछले महीने के 57.7 से थोड़ा नीचे है, लेकिन अब भी विस्तार के दायरे में बना हुआ है।”

उन्होंने बताया कि मजबूत वैश्विक मांग भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ को बढ़ावा देती रही, जिससे कंपनियों ने खरीदारी गतिविधियों और रोजगार में वृद्धि की। बिजनेस सेंटिमेंट भी मजबूत बना रहा, जिसमें सर्वे में शामिल करीब एक-तिहाई कंपनियों ने अगले साल उत्पादन में और तेजी की उम्मीद जताई। हालांकि, उत्पादन वृद्धि की गति दिसंबर 2023 के बाद सबसे धीमी रही, लेकिन फरवरी में भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर समग्र रूप से सकारात्मक स्थिति में बना रहा।

Advertisement
First Published - March 3, 2025 | 10:57 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement