facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

India’s fiscal deficit: अगस्त तक फिस्कल डेफिसिट बजट लक्ष्य के 27% पर पहुंचा, कैपेक्स में आई 10 फीसदी से ज्यादा की कमी

Fiscal Deficit: भारत का राजकोषीय घाटा FY25 के पहले पांच महीने यानी अप्रैल-अगस्त के दौरान 4.35 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 25 के बजट अनुमान का 27% है।

Last Updated- September 30, 2024 | 5:50 PM IST
fiscal deficit

India’s fiscal deficit April to August 2024: भारत का राजकोषीय घाटा मौजूदा वित्त वर्ष (FY25) के पहले पांच महीने यानी अप्रैल-अगस्त के दौरान 4.35 लाख करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 25 के बजट अनुमान का 27% है। बता दें कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए फिस्कल डेफिसिट का अनुमान 16.13 लाख रुपये है। 2023-24 की इसी अवधि में घाटा बजट अनुमान (BE) का 36% था। यह जानकारी आज यानी सोमवार को लेखा महानियंत्रक (CGA) ने दी।

गौरतलब है कि भारत का राजकोषीय घाटा FY25 के पहले चार महीने यानी अप्रैल-जुलाई के दौरान 2.77 लाख करोड़ रुपये रहा था, जो FY25 के बजट अनुमान का 17.2% है।

केंद्रीय बजट में, सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.9% तक लाने का अनुमान लगाया है। 2023-24 में घाटा GDP का 5.6% था।

बढ़ा सरकारी खर्च

अप्रैल-अगस्त 2024 की अवधि में कुल सरकारी खर्च (total government expenditure) 16.52 लाख करोड़ रुपये रहा, जो बजट लक्ष्य का लगभग 34.3% है। पिछले साल की समान अवधि में यह भारत सरकार का कुल खर्च 16.7 लाख करोड़ रुपये (बजट अनुमान का 37.1%) रहा था। माना जा रहा है कि आम चुनाव के कारण करकारी खर्च में कमी आई है।

2024-25 के पहले पांच महीनों के लिए केंद्र सरकार के राजस्व-खर्च डेटा की जानकारी देते हुए CGA ने बताया कि चालू वित्त वर्ष के लिए नेट टैक्स रेवेन्यू 8.7 लाख करोड़ रुपये रहा। यह बजट अनुमान का 33.8% है। जुलाई 2023 के अंत में नेट टैक्स रेवेन्यू  कलेक्शन 34.5% था।

कैपेक्स में आई कमी

FY25 के पहले पांच महीनों में सरकार का पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) या इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर खर्च 3,00,987 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना लक्ष्य का 27.1% है। जबकि, पिछले साल की समान अवधि में यह 373799 करोड़ रुपये (बजट लक्ष्य का 37.4%) रहा था।

First Published - September 30, 2024 | 4:40 PM IST

संबंधित पोस्ट