सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के महीने में भारत के औद्योगिक उत्पादन (Industrial Production) में 5.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस उछाल की सबसे बड़ी वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आया सुधार है।
अगर पिछले साल से तुलना करें, तो फरवरी 2025 में औद्योगिक उत्पादन (जिसे IIP भी कहते हैं) की रफ्तार सिर्फ 2.7% थी।
कुछ मुख्य बातें:
- पुराने आंकड़ों में सुधार: नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) ने जनवरी 2026 के आंकड़ों को भी अपडेट किया है। पहले जनवरी की ग्रोथ 4.8% बताई गई थी, जो अब बढ़कर 5.1% हो गई है।
- मैन्युफैक्चरिंग में जोश: इस साल फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 6% रही, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह महज 2.8% थी।
- माइनिंग और बिजली: माइनिंग (खनन) क्षेत्र की ग्रोथ भी 1.6% से सुधरकर 3.1% पर आ गई है। हालांकि, बिजली उत्पादन की रफ्तार थोड़ी सुस्त पड़ी है; यह पिछले साल के 3.6% के मुकाबले गिरकर 2.3% रह गई है।
- पूरे साल का हाल: अगर इस पूरे वित्त वर्ष (अप्रैल से फरवरी तक) की बात करें, तो देश की औद्योगिक ग्रोथ 4.1% पर बनी हुई है, जो पिछले साल की इसी अवधि के बराबर ही है।
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First Published : March 30, 2026 | 4:58 PM IST