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लेबर इंटेंसिव सेक्टर में ग्लोबल एक्सपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी पिछले पांच साल में घटी: FIEO

FIEO ने यह भी कहा कि लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर की निर्यात वृद्धि के संबंध में सावधानी बरतने की जरूरत है।

Last Updated- October 01, 2023 | 3:34 PM IST
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इलस्ट्रेशन- अजय मोहंती

परिधान, समुद्री उत्पाद, प्लास्टिक और रत्न तथा आभूषण जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों में ‘परेशान करने वाले रुझान’ दिख रहे हैं। FIEO की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों के दौरान इन क्षेत्रों में वैश्विक निर्यात में देश की हिस्सेदारी घट रही है।

निर्यातकों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) ने यह भी कहा कि लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर की निर्यात वृद्धि के संबंध में सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि इसमें भारत से यूरोप को किए गए कच्चे तेल की बड़ी हिस्सेदारी हो सकती है।

पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा देने की जरूरत

रिपोर्ट में कहा गया कि ऐसे में यह वृद्धि आने वाले वर्षों में टिकाऊ नहीं हो सकती है। FIEO के मुताबिक, श्रम प्रधान क्षेत्रों में निर्यात हिस्सेदारी घटी है, जो चिंता की बात है। ये क्षेत्र बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करते हैं और साथ ही शुद्ध उच्च-मूल्य संवर्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान करते हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि इस चुनौती से निपटने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जो बाजार हिस्सेदारी घटने के कारणों की पड़ताल करे। पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा देने के महत्व पर विस्तार से बताते हुए FIEO ने कहा कि मोबाइल फोन का निर्यात, जिसकी राशि 10 अरब डॉलर है, उसका शुद्ध मूल्य लगभग एक-दो अरब डॉलर है। दूसरी ओर पारंपरिक क्षेत्रों के 10 अरब डॉलर मूल्य के निर्यात में नौ अरब डॉलर से अधिक का शुद्ध मूल्य होता है।

First Published - October 1, 2023 | 3:34 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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