अर्थव्यवस्था

भारत का ट्रेड डेफिसिट दोगुना, फरवरी में 27.1 अरब डॉलर तक पहुंचा घाटा

फरवरी में आयात में तेज बढ़ोतरी और वैश्विक तनाव के कारण भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 27.1 अरब डॉलर पहुंच गया।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 16, 2026 | 3:16 PM IST

भारत का व्यापार घाटा फरवरी महीने में बढ़कर 27.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इस दौरान देश के वस्तु निर्यात में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि आयात में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली। वैश्विक भू राजनीतिक परिस्थितियों और बढ़ते आयात को इस बदलाव का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

फरवरी में निर्यात में मामूली गिरावट

सरकारी आंकड़ों के अनुसार फरवरी में भारत का वस्तु निर्यात 0.81 प्रतिशत घटकर 36.61 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में निर्यात का आंकड़ा थोड़ा अधिक था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और अनिश्चितताओं के कारण कई क्षेत्रों में निर्यात पर दबाव बना हुआ है।

आयात में 24 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी

दूसरी ओर फरवरी में आयात में तेज उछाल देखने को मिला। इस दौरान देश का कुल आयात 24.11 प्रतिशत बढ़कर 63.71 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि फरवरी 2025 में यह 51.33 अरब डॉलर था। आयात में इस तेज वृद्धि के कारण ही व्यापार घाटा बढ़कर 27.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया।

चालू वित्त वर्ष में निर्यात में बढ़ोतरी

वाणिज्य सचिव Rajesh Agrawal ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात संतोषजनक प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से फरवरी के बीच देश का निर्यात 1.84 प्रतिशत बढ़कर 402.93 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है।

इसी अवधि में आयात भी 8.53 प्रतिशत की दर से बढ़कर 713.53 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इससे साफ है कि घरेलू मांग और वैश्विक परिस्थितियों के कारण आयात की गति निर्यात की तुलना में ज्यादा तेज रही है।

पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी चुनौतियां

सरकार का कहना है कि मार्च महीने में निर्यात के सामने और चुनौतियां सकती हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण लॉजिस्टिक्स और व्यापार मार्गों पर असर पड़ रहा है।

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बताया गया है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। इसका असर प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों पर भी पड़ा है। विशेष रूप से Strait of Hormuz जैसे अहम मार्गों पर व्यवधान की स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक व्यापार और परिवहन लागत प्रभावित हो रही है।

First Published : March 16, 2026 | 3:08 PM IST