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जून में 22 राज्यों में बढ़ी मुद्रास्फीति

Last Updated- December 11, 2022 | 5:32 PM IST

खुदरा मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति जून में भले ही मामूली गिरावट के साथ 7.01 फीसदी रही। लेकिन देश के अ​धिकतर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में महंगाई की दर ऊंची रही है।
देश के 38 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से करीब 22 में मई के मुकाबले जून में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ गई है। सिक्किम में जून में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 8.28 फीसदी रही और मई में भी वहां इतनी ही दर थी। इसका मतलब यह हुआ कि 40 फीसदी से बी कम राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ही मुद्रास्फीति की दर मई के मुकाबले जून में घटी है। मई में मुद्रास्फीति का राष्ट्रीय औसत 7.04 फीसदी था।
जून की बात करें तो करीब 13 राज्यों में खुदरा मुद्रास्फीति राष्ट्रीय औसत 7.01 फीसदी से अ​धिक रही है और तेलंगाना में इसमें 10.05 फीसदी यानी दो अंक की वृद्धि देखी गई। तेलंगाना में मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों में मुद्रास्फीति 10 फीसदी से ऊपर रही। यह लगातार तीसरा महीना रहा जब इस इलाके में मुद्रास्फीति की दर दो अंक में रही है। तेलंगाना के अलावा पुदुच्चेरी के ग्रामीण इलाकों में भी जून में मुद्रास्फीति 10.09 फीसदी रही, जबकि मई में यह 7.32 फीसदी थी।
मगर किसी अन्य राज्य के ग्रामीण इलाकों में जून के दौरान खुदरा मुद्रास्फीति की दर दो अंक में नहीं रही। अप्रैल में मध्य प्रदेश में यह दर 10.12 फीसदी और हरियाणा में 10.25 फीसदी थी। लेकिन जून में मध्य प्रदेश में खुदरा मुद्रास्फीति की दर घटकर 8.07 फीसदी और हरियाणा में 8.56 फीसदी रही।
इसके अलावा म​णिपुर और मेघालय में जून में कीमतें बहुत कम बढ़ीं। मेघालय में जून में मुद्रास्फीति दर महज 0.6 फीसदी और म​णिपुर में 3.8 फीसदी रही। लक्षद्वीप एकमात्र इलाका है जहां शहरी मुद्रास्फीति दर जून में दो अंक में रही। जून में यहां खुदरा मुद्रास्फीति 10.84 फीसदी रही, जो मई में 6.04 फीसदी थी।
इंडिया रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र पंत ने कहा, ‘सभी राज्यों में खपत बास्केट एक समान नहीं है। जिन राज्यों में उन चीजों की खपत ज्यादा है, जिनके दाम मई की तुलना में जून में बढ़े हैं, वहां मुद्रास्फीति दर अ​धिक देखी गई। इसी तरह जहां ऐसी चीजों की खपत कम रही वहां मुद्रास्फीति दर में नरमी देखी गई।’
जून में मुद्रास्फीति दर बढ़ाने में ईंधन, बिजली, घरेलू सामान और सेवा, मनोरंजन तथा पर्सनल केयर जैसे उत्पादों का अहम योगदान रहा।

First Published - July 15, 2022 | 11:50 PM IST

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