आईएमएफ (IMF) के इस तिमाही ( अप्रैल से जून) तक के लिए आए डेटा के मुताबिक भारत दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यस्था बन गया है। इस पर देश के इकनॉमिक जगत से जुड़े कई जाने-माने लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं।
उद्योग जगत की बड़ी हस्तियों में शामिल आनंद महिंद्रा और उदय कोटक ने भारत के पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर खुशी जताई है। उन्होंने यह खुशी ट्वीट के जरिये जाहिर की है।
उदय कोटक ने अपने ट्वीट में लिखा है कि भारत के लिए यह गौरव का क्षण है। आज हमारी इकॉनमी हम पर कभी राज करने वाले ब्रिटेन की इकॉनमी से अधिक हो गई है। लेकिन हमे जीडीपी को वास्तविकता में देखने की जरूरत है। जहां हमारी आबादी 140 करोड़ है वही ब्रिटेन की आबादी केवल 6.8 करोड़ है। भारत की प्रति व्यक्ति आय जहां 2500 डॉलर (लगभग 2लाख रुपये) है तो वही ब्रिटेन की प्रति व्यक्ति आय 47000 डॉलर यानी लगभग 37,60,000 रुपये है। हमे अपने देश के नागरिकों को इस स्तर तक लाने के लिए एक लंबी दूरी तय करना होगा।
विश्व बैंक के पूर्व मुख्य अर्थशास्त्री और कॉर्नेल विश्वविद्यालय अमेरिका के प्रोफेसर कौशिक बसु भारत की जीडीपी ग्रोथ के बारे में ट्विटर में लिखते है कि हमने 10 साल पहले ही इसका अनुमान लगाया था। हमने तो 2020 तक ही भारत की जीडीपी को ब्रिटेन से आगे निकलने का अनुमान लगाए थे।
ऐसा अनुमान भारत की तेजी से बढ़ती जनसंख्या और बढ़ती प्रति व्यक्ति आय को देखते हुए लगाया गया था। 2016 के बाद से तेजी से कम होती प्रति व्यक्ति आय के कारण इस लक्ष्य को प्राप्त करने में थोड़ी देरी हुई। मुझे खुशी हुई कि हमने यह लक्ष्य प्राप्त किया, दो साल की देरी से ही सही पर हमने अच्छी प्रगति की है। कौशिक बसु कहते है कि ब्रिटेन की जीडीपी को पीछे छोड़ने में नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की सरकार की नीतियों का विशेष योगदान रहा है। वास्तव में उनको ही इसका श्रेय मिलना चाहिए। 1994 से बढ़ती अर्थव्यवस्था और 2005 से तेज गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था ने इसे अवश्यसंभावी बना दिया था।