इस साल अगस्त महीने में कर संग्रह 7.7 प्रतिशत घटकर 1.5 लाख करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले अगस्त में 1.6 लाख करोड़ रुपये कर संग्रह हुआ था। करीब सभी प्रमुख करों के संग्रह में गिरावट आई है। महा लेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के मुताबिक कॉर्पोरेशन कर से 11,159 करोड़ रुपये आए हैं, जो पिछले साल अगस्त के 22,201 करोड़ रुपये की तुलना में करीब आधा है।
व्यक्तिगत आयकर अगस्त में 37.6 प्रतिशत घटकर 23,813 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल के समान महीने में 38,162 करोड़ रुपये था। इसका मतलब यह हुआ कि प्रत्यक्ष कर संग्रह 41 प्रतिशत घटकर 34,972 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल अगस्त में 60,362 करोड़ रुपये था। इसी तरह से केंद्रीय जीएसटी से 2.6 प्रतिशत कम राजस्व आया है। यह पिछले साल अगस्त के 53,326 करोड़ रुपये से घटकर इस साल अगस्त में 51,911 करोड़ रुपये रह गया है।
उत्पाद एवं सीमा शुल्क में इस साल के ज्यादातर महीनों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में गिरावट आई है। पेट्रोल और डीजल सहित कई उत्पादों पर सीमा एवं उत्पाद शुल्क में कमी की वजह से ऐसा हुआ है। अगस्त महीने में उत्पाद शुल्क संग्रह 27.9 प्रतिशत गिरकर 28,816 करोड़ रुपये रह गया, जो वित्त वर्ष 22 की समान अवधि में 36,849 करोड़ रुपये था। सीमा शुल्क से 14,315 करोड़ रुपये आए हैं, जो पिछले साल अगस्त के 18,261 करोड़ रुपये की तुलना में 21.6 प्रतिशत कम है। अगस्त सबसे नजदीकी महीना है, जिसके आंकड़े सीजीए ने दिए हैं।
बहरहाल सितंबर महीने में जीएसटी संग्रह और प्रत्यक्ष कर के लिए अग्रिम कर संग्रह के आंकड़े अन्य माध्यमों से आ चुके हैं। चालू वित्त वर्ष में कर संग्रह तेज रहने की उम्मीद है।
बजट में कर संग्रह में 1.8 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया गया था और वित्त वर्ष 23 में यह बढ़कर 2.76 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 22 में वास्तविक संग्रह 2.71 लाख करोड़ रुपये था।