facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मई में मैन्युफैक्चरिंग PMI फिसलकर 57.6 पर, तीन महीने का निचला स्तर; डिमांड बनी रही मजबूत

Advertisement

Manufacturing PMI: मैन्युफैक्चरिंग PMI (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) एक महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक है, जो किसी देश के विनिर्माण क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों का आकलन करता है।

Last Updated- June 02, 2025 | 12:14 PM IST
MSME

Manufacturing PMI in May: मई 2025 में भारत के विनिर्माण क्षेत्र (मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर) की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) अप्रैल के 58.2 से घटकर मई में 57.6 पर आ गया। यह फरवरी के बाद का सबसे निचला स्तर है। हालांकि यह अब भी न्यूट्रल स्तर 50.0 और लॉन्ग टर्म एवरेज 54.1 से काफी ऊपर है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्र में विकास की रफ्तार अब भी बनी हुई है।

मजबूत घरेलू और विदेशी मांग बनी सहारा

मई में विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार मजबूत घरेलू और वैश्विक मांग, सफल मार्केटिंग प्रयासों और निर्यात ऑर्डर्स में तेज़ बढ़ोतरी के कारण हुआ। कंपनियों ने एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका जैसे प्रमुख वैश्विक बाजारों से मजबूत डिमांड की जानकारी दी। निर्यात ऑर्डर्स में तीन वर्षों की सबसे तेज़ वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, सर्वे में शामिल कंपनियों ने मई में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आई इस मंदी का कारण कड़ी प्रतिस्पर्धा, लागत बढ़ोतरी और भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को बताया। उन्होंने कहा कि इन कारणों ने कारोबारी भावना पर असर डाला है।

यह भी पढ़ें…गोल्ड ज्वेलरी बनाने वाली कंपनी के स्टॉक में बंपर कमाई का मौका! BUY रेटिंग के साथ 40% अपसाइड का मिला टारगेट

रोजगार में रिकॉर्ड वृद्धि

मई महीने में रोजगार के मोर्चे पर ऐतिहासिक बढ़ोतरी देखी गई। PMI सर्वे के इतिहास में यह अब तक की सबसे तेज़ भर्ती रही। कंपनियों ने अस्थायी की बजाय स्थायी पदों पर ज़ोर दिया। इस निरंतर नियुक्ति से कंपनियों ने कार्यभार को बेहतर ढंग से संभाला और लगातार छह महीनों से जारी बैकलॉग्स की समस्या पर रोक लग पाई।

बढ़ती लागत और महंगाई का दबाव

मई में लागत दबाव तेज़ हुआ। इनपुट महंगाई दर छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। एल्यूमीनियम, सीमेंट, लोहा, चमड़ा, रबर और रेत जैसे कच्चे माल के साथ-साथ माल ढुलाई और श्रमिक लागत में वृद्धि इसके मुख्य कारण रहे। लाभ को बनाए रखने के लिए कंपनियों ने उत्पादों की कीमतों में बीते 11 वर्षों में सबसे तेज़ बढ़ोतरी में से एक की। महंगाई दबाव के बावजूद, भारतीय निर्माताओं का आत्मविश्वास बना हुआ है। कंपनियों ने आने वाले वर्ष में उत्पादन में वृद्धि को लेकर आशावाद जताया है। इसके पीछे विज्ञापन और ग्राहकों की बढ़ती पूछताछ को मुख्य कारण बताया गया है।

यह भी पढ़ें…कल एक्स-डिविडेंड होंगे ये 5 शेयर, ज़बरदस्त डिविडेंड और राइट्स इश्यू का मिलेगा फायदा

क्या होता है मैन्युफैक्चरिंग PMI?

मैन्युफैक्चरिंग PMI (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) एक महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक है, जो किसी देश के विनिर्माण क्षेत्र की व्यावसायिक गतिविधियों का आकलन करता है। यह सर्वे उन खरीद प्रबंधकों से जानकारी लेकर तैयार किया जाता है, जो उत्पादन, नए ऑर्डर्स, रोजगार, आपूर्तिकर्ता प्रदर्शन और इन्वेंटरी जैसी प्रमुख गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

Advertisement
First Published - June 2, 2025 | 11:49 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement