सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि 2014-24 के दौरान विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह 69 प्रतिशत बढ़कर 165.1 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को बताया कि भारत विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश के लिए प्राथमिकता वाले देश के रूप में तेजी से उभर रहा है।
उन्होंने कहा, “पिछले दस वित्त वर्षों (2014-24) में विनिर्माण क्षेत्रों में एफडीआई इक्विटी प्रवाह 69 प्रतिशत बढ़कर 165.1 अरब डॉलर हो गया। इससे पिछले दस वित्त वर्षों (2004-14) में यह 97.7 अरब अमेरिकी डॉलर था।”
प्रसाद ने कहा कि पिछले पांच वित्त वर्षों (2019-20 से 2023-24) के दौरान देश में कुल एफडीआई प्रवाह 383.50 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सरकार के कदमों से मोबाइल फोन समेत कई क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम हुई है।
प्रसाद ने कहा कि 2014-15 में मोबाइल फोन के आयात पर 48,609 करोड़ रुपये खर्च हुए जो 2023-24 में घटकर 7,674 करोड़ रुपये रह गया। इसी प्रकार निर्यात 2014-15 के 1,566 करोड़ रुपये से बढ़कर 2023-24 में 1,28,982 करोड़ रुपये से अधिक हो गया।