अर्थव्यवस्था

आर्थिक झटकों से बचाएगा 1 लाख करोड़ का सुरक्षा कवच? वित्त मंत्री ने बताया क्या है ‘स्थिरीकरण कोष’

वित्त मंत्री ने 1 लाख करोड़ रुपये के 'आर्थिक स्थिरीकरण कोष' के जरिए वैश्विक संकटों से निपटने और राजकोषीय मजबूती बनाए रखने का भरोसा दिया है

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रुचिका चित्रवंशी   
Last Updated- March 13, 2026 | 10:47 PM IST

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोक सभा में बताया कि 1 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक स्थिरीकरण कोष भारत को प​श्चिम ए​शिया संकट के कारण पैदा हुए वै​श्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वित्तीय गुंजाइश उपलब्ध कराएगा। इससे आपूर्ति श्रृंखला में अप्रत्याशित व्यवधान और भारतीय अर्थव्यवस्था के उप-क्षेत्रों को लगने वाले झटकों जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था राजकोषीय मजबूती की राह से भटके बिना ऐसा कर पाएगी।

वित्त मंत्री ने अनुदानों की दूसरी अनुपूरक मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस कोष की स्थापना आंशिक तौर पर मौजूदा विनियोग और अतिरिक्त आवंटन के जरिये करने का प्रस्ताव है। एलपीजी की किल्लत के बारे में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच सीतारमण ने कहा, ‘इस सदन में की गई प्रतिबद्धता संसद में प्रस्तुत राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के दायरे में ही रहेगी। इसमें अनुदान की दूसरी अनुपूरक मांगें भी शामिल हैं।’

वित्त मंत्रालय ने किसी भी अचानक आर्थिक झटके से निपटने के लिए मंगलवार को संसद में पेश की गई अनुदानों की दूसरी अनुपूरक मांग के तहत वित्त वर्ष 2026 के लिए आर्थिक स्थिरीकरण कोष का आवंटन दोगुना करके 1 लाख करोड़ रुपये कर दिया। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026 के लिए उर्वरक सब्सिडी मद में 19,230 करोड़ रुपये और खाद्य सब्सिडी के लिए 23,640 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय का भी आवंटन किया गया। अनुदानों की दूसरी अनुपूरक मांग को लोक सभा में पारित कर दिया गया है।

वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि किसानों के लिए उर्वरक की आपूर्ति में कोई कमी नहीं होगी और सरकार आने वाली रबी की फसल को ध्यान में रखते हुए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार घरेलू उत्पादन बढ़ाकर यूरिया की आपूर्ति भी बढ़ा रही है।

First Published : March 13, 2026 | 10:35 PM IST