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NITI Aayog Report: 2020-21 से 2023-24 के बीच भारत में असमानता बढ़ी, उत्तराखंड और केरल टॉप पर

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असमानता घटाने के मामले में भारत का कुल स्कोर 2018 के 71 से घटकर 2020-21 मेें 67 रह गया और 2023-24 में 65 ही बचा है।

Last Updated- July 12, 2024 | 11:50 PM IST
NITI Aayog

भारत में 2020-21 और 2023-24 के बीच संपत्ति और सामाजिक गैर बराबरी सहित असमानता में मामूली वृद्धि हुई है। नीति आयोग द्वारा आज जारी टिकाऊ विकास लक्ष्य (एसडीजी) रिपोर्ट से यह बात पता चली है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा तय 17 एसडीजी पैमाने के आधार पर भारत के प्रदर्शन का जायजा लिया गया। इसके मुताबिक असमानता घटाने के मामले में भारत का कुल स्कोर 2018 के 71 से घटकर 2020-21 मेें 67 रह गया और 2023-24 में 65 ही बचा है।

नीति आयोग के टिकाऊ विकास सूचकांक 2023-24 में उत्तराखंड और केरल शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य बनकर उभरे हैं। वहीं बिहार का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। इस सूचकांक के माध्यम से नीति आयोग सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरण संबंधी मानकों पर प्रगति का मूल्यांकन करता है। इसमें टिकाऊ विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हासिल करने में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन का आकलन किया जाता है।

गरीबी उन्मूलन, सम्मानजनक कामकाज के अवसर मुहैया कराने, आर्थिक वृद्धि, जलवायु परिवर्तन से संबंधित कार्रवाई और जमीनी इलाकों में जीवन पर महत्त्वपूर्ण प्रगति से प्रदर्शन सुधरा है। इन मानकों पर उत्तराखंड और केरल 79 अंकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य बनकर उभरे हैं। इनके बाद 78 अंकों के साथ तमिलनाडु और 77 अंकों के साथ गोवा दूसरे और तीसरे स्थान पर है।

दूसरी तरफ 57 अंक पाकर बिहार इस सूचकांक में सबसे नीचे है। खराब प्रदर्शन करने वाले राज्यों में बिहार के बाद झारखंड (62) और नगालैंड (63) का स्थान है। वहीं केंद्र शासित प्रदेशों में चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर, पुदुच्चेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और दिल्ली शीर्ष 5 राज्यों में शामिल किए गए हैं।

नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीवीआर सुब्रमण्यम ने रिपोर्ट जारी करते हुए कहा, ‘सरकार के लक्षित हस्तक्षेप ने भारत को टिकाऊ विकास लक्ष्यों के रूप में निर्धारित 16 लक्ष्यों में महत्त्वपूर्ण सुधार दर्ज करने में मदद की है।’

उन्होंने कहा, ‘भारत न केवल एसडीजी के तहत अधिकांश लक्ष्यों को प्राप्त करने की राह पर है बल्कि वह दूसरों से आगे भी है। सरकार को इनमें से कुछ लक्ष्यों को 2030 से पहले हासिल करने की उम्मीद है।’ एसडीजी सूचकांक से पता चलता है कि 16 लक्ष्यों में से भारत का समग्र प्रदर्शन सिर्फ स्त्री-पुरूष समानता वाले लक्ष्य पर ही 50 अंक से कम है।

रिपोर्ट के मुताबिक कुल स्कोर देखें तो सभी राज्यों का प्रदर्शन सुधरा है। 2023-24 में राज्यों का अंक 57 से 79 के बीच रहा है, जिसमें 2020-21 के 66 और 2018 के 57 की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है। 2018 और 2023-24 के दौरान उत्तर प्रदेश सबसे तेजी से बदलता राज्य रहा है।

इस दौरान राज्य का स्कोर 25 अंक बढ़ा है। वहीं इसके बाद जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और सिक्किम का स्थान है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स के चौथे संस्करण में सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति का 113 संकेतकों के आधार पर आकलन किया गया है।

एसडीजी में 17 लक्ष्य और 169 संबंधित लक्ष्य रखे गए हैं, जिन्हें 2030 तक हासिल किया जाना है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इनमें से लक्ष्य 13 (जलवायु कार्रवाई) में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और इसका अंक 54 से बढ़कर 67 हो गया है। वहीं लक्ष्य 1 (गरीबी उन्मूलन) भी इसके नजदीक है और इसका स्कोर भी उल्लेखनीय रूप से 60 से बढ़कर 72 पर पहुंच गया है।

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First Published - July 12, 2024 | 10:42 PM IST

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