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FY24 में तेजी से बढ़ी EPFO मेंबर्स की संख्या, दर्ज की 19 फीसदी की ग्रोथ

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पिछले साढ़े छह साल में ही 6.1 करोड़ से अधिक सदस्य कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से जुड़े हैं।

Last Updated- April 20, 2024 | 12:00 PM IST
EPFO did not give the claim, how to fix it; Know the complete process EPFO ने नहीं दिया क्लेम, कैसे करें इसे ठीक; जानें पूरा प्रोसेस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वित्त वर्ष 2023-24 में नए रजिस्ट्रेशन में 19 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की है। सालाना आधार पर दर्ज इस ग्रोथ के चलते अब ईपीएफओ मेंबर्स की संख्या बढ़कर 1.65 करोड़ हो गई है। इन आंकड़ों से देश में रोजगार की स्थित सुधरने के संकेत मिलते हैं।

इस मामले में श्रम मंत्रालय के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि पिछले साढ़े छह साल में ही 6.1 करोड़ से अधिक सदस्य ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) से जुड़े हैं।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, ईपीएफओ ने 2018-19 में 61.12 लाख शुद्ध ग्राहक जोड़े थे, जो 2019-20 में बढ़कर 78.58 लाख हो गए। हालांकि, 2020-21 में यह घटकर 77.08 लाख हो गया, जिसका मुख्य कारण कोरोना महामारी थी। अधिकारी ने आगे बताया कि कोविड​-19 महामारी के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के चलते ईपीएफओ के सदस्यों की संख्या में गिरावट आई थी।

श्रम भागीदारी दर और श्रमिक जनसंख्या अनुपात में सुधार

कुछ अन्य आंकड़े भी रोजगार की दिशा में भविष्य की बेहतर तस्वीर पेश कर रहे हैं। पिछले छह सालों के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के आंकड़ों के अनुसार, श्रम भागीदारी दर और श्रमिक जनसंख्या अनुपात में सुधार देखा जा रहा है। सालाना पीएलएफएस रिपोर्ट से पता चलता है कि 2017-18 से 2022-23 तक चीजें बेहतर हुई हैं। काम करने वाले लोगों का प्रतिशत (श्रमिक जनसंख्या अनुपात) 2017-18 में 46.8% से बढ़कर 2022-23 में 56% हो गया।

ये भी पढे़ं- वेतन की न्यूनतम सीमा बढ़ाने पर EPFO कर रहा विचार, भविष्य निधि के फायदों से वंचित कामगार भी आएंगे दायरे में

श्रम बल की भागीदारी में भी महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला। यह 2017-18 में 49.8 प्रतिशत से बढ़कर 2022-23 में 57.9 प्रतिशत हो गया है।

और जहां तक बेरोजगारी दर का सवाल है, तो यह 2017-18 में 6 प्रतिशत से गिरकर 2022-23 में 3.2 प्रतिशत के निचले स्तर पर आ गई है।

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First Published - April 20, 2024 | 12:00 PM IST

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