facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

IPEF के ‘व्यापार स्तंभ’ में शामिल होने पर अभी कोई फैसला नहीं : अधिकारी

आपूर्ति श्रृंखला को जुझारू बनाने पर बातचीत पहले ही पूरी हो चुकी है और भारत में इस करार के लिए घरेलू स्तर पर अनुमोदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

Last Updated- October 18, 2023 | 1:15 PM IST
IPEF

भारत ने अभी 14वें हिंद-प्रशांत आर्थिक ढांचे (आईपीईएफ) के ‘व्यापार स्तंभ’ में शामिल होने के मुद्दे पर कोई फैसला नहीं किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आईपीईएफ एक 14 सदस्यीय समूह है। अमेरिका और एशिया-प्रशांत के अन्य भागीदार देशों ने 23 मई को तोक्यो में आईपीईएफ की शुरुआत की थी। इन 14 आईपीईएफ भागीदारों का वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 40 प्रतिशत हिस्सा है।

इसी तरह वैश्विक वस्तु एवं सेवा कारोबार में समूह की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत की है। यह ढांचा व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला, स्वच्छ अर्थव्यवस्था और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था (कर और भ्रष्टाचार रोधी मुद्दे) से संबंधित चार स्तंभों के आसपास टिका है। व्यापार को छोड़कर अन्य तीन स्तंभों में भारत शामिल हो गया है। सदस्य देश इन विषयों पर अलग-अलग समझौतों पर हस्ताक्षर के लिए बातचीत कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : भारत के टॉप 10 पार्टनर्स में से सिर्फ रूस और हॉन्ग कॉन्ग से ही बढ़ा आयात

आपूर्ति श्रृंखला को जुझारू बनाने पर बातचीत पहले ही पूरी हो चुकी है और भारत में इस करार के लिए घरेलू स्तर पर अनुमोदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सदस्य राष्ट्र छठे दौर की वार्ता के तहत स्वच्छ अर्थव्यवस्था और निष्पक्ष अर्थव्यवस्था स्तंभ पर बातचीत कर रहे हैं। यह वार्ता 15 अक्टूबर से क्वालालंपुर में चल रही है और 24 अक्टूबर को पूरी होगी।

भारत की ओर वाणिज्य मंत्रालय बातचीत की अगुवाई कर रहा है। मंत्रालय व्यापार स्तंभ में शामिल होने की संभावना के तहत अंतर-मंत्रालयी विचार-विमर्श कर रहा है। अधिकारी ने कहा, ‘‘हम इसपर नजर रख रहे हैं, जानकारी जुटा रहे हैं। हमने अभी तक व्यापार स्तंभ में शामिल होने पर निर्णय नहीं लिया है। आईपीईएफ दौर के समापन के बाद हम सभी घटनाक्रमों को विभिन्न मंत्रालयों के साथ साझा करते हैं।’’

यह भी पढ़ें : 2023-24 से 2029-30 के बीच इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा खर्च करेगा भारत, ग्रीन प्रोजेक्ट्स में भी होगा निवेश

आईपीईएफ का उद्देश्य व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाना, जुझारू आपूर्ति श्रृंखलाओं का विकास और सतत विकास में तेजी लाने के लिए ओर बेहतर अनुकूल वातावरण का निर्माण करना है। ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई दारुस्सलाम, फिजी, भारत, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, फिलिपीन, सिंगापुर, थाइलैंड, अमेरिका और वियतनाम इस गुट के सदस्य हैं।

अधिकारी ने कहा कि भारत के पास किसी भी समय व्यापार स्तंभ में शामिल होने का विकल्प है। इससे पहले विशेषज्ञ सुझाव दे चुके हैं कि भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आईपीईएफ वार्ता के नतीजे हरित उत्पाद जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहन जैसे घरेलू नीतिगत विकल्पों को प्रभावित नहीं करें।

First Published - October 18, 2023 | 1:15 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट