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Outward remittances: विदेश में रहने वाले भारतीयों ने भेजे रिकॉर्ड 29.43 अरब डॉलर

Outward remittances: ये अब तक LRS के तहत भेजी गई सबसे बड़ी रकम है।

Last Updated- April 23, 2024 | 7:29 PM IST
LRS

विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने अपने घर यानी भारत, रिकॉर्ड मात्रा में पैसा भेजा है! भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 के दौरान, विदेश में रहने वाले भारतीयों ने “उदारीकृत प्रेषण स्कीम” (LRS) के तहत 29.43 अरब डॉलर भेजे। ये पिछले साल की समान अवधि (24.18 अरब डॉलर) के मुकाबले 22% ज्यादा है। गौरतलब है कि ये अब तक LRS के तहत भेजी गई सबसे बड़ी रकम है।

विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा भेजे गए धन (LRS प्रेषण) में COVID-19 महामारी के कारण वित्तीय वर्ष 2021 में LRS प्रेषण में गिरावट आई थी, लेकिन वित्तीय वर्ष 2022 से इसमें सुधार देखा गया है और यह उठाव 2023 में भी जारी रहा। भले ही फरवरी 2024 में गिरावट आई, लेकिन पूरे साल के आंकड़ों को देखें तो अच्छी खबर है!

वित्तीय वर्ष 2023 में LRS के तहत भेजी गई रकम अब तक की सबसे अधिक 27.14 अरब डॉलर रही। ये पिछले साल के मुकाबले 6% की बढ़ोतरी है। हालांकि, फरवरी 2024 के आंकड़ों (2.01 बिलियन डॉलर) ने जनवरी के आंकड़ों (2.62 बिलियन डॉलर) की तुलना में 23% की गिरावट दर्ज की है।

विदेश घूमने का खर्च बढ़ा

अप्रैल-फरवरी 2024 के बीच, अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर खर्च 27.91% बढ़कर 16 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल की इसी अवधि के 12.51 बिलियन डॉलर से काफ़ी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण करीबी रिश्तेदारों से मिलने और विदेशी शिक्षा के लिए भेजे गए धन में वृद्धि है।

रिश्तेदारों से मिलने पर 4.22 बिलियन डॉलर और विदेशी शिक्षा पर 3.28 बिलियन डॉलर खर्च किए गए। हालांकि, पिछले साल फरवरी के मुकाबले इस साल 4% कम प्रेषण भेजा गया। माना जा रहा है कि ये गिरावट अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में कमी के कारण आई है।

फरवरी 2024 के आंकड़ों पर गौर करें तो विदेश घूमने पर होने वाला खर्च थोड़ा कम हुआ है। LRS स्कीम के तहत कुल खर्च का आधे से ज्यादा हिस्सा विदेश घूमने पर ही होता है, लेकिन इस साल फरवरी में इसमें 1.6% की गिरावट आई है।

यानी इस बार फरवरी में विदेश घूमने पर कुल 1.05 बिलियन डॉलर खर्च किए गए। वहीं, अच्छी बात ये है कि शिक्षा, गिफ्ट और परिवार के भरण-पोषण के लिए भेजे गए धन में बढ़ोतरी हुई है। उदाहरण के लिए, विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए इस बार 246.82 मिलियन डॉलर भेजे गए।

LRS स्कीम की शुरुआत 2004 में हुई थी। इस स्कीम के तहत भारतीय निवासी हर साल अधिकतम 250,000 अमेरिकी डॉलर विदेश भेज सकते हैं। इसका उपयोग विदेश घूमने के अलावा, विदेश में संपत्ति खरीदने, इलाज कराने जैसे विभिन्न कार्यों के लिए किया जा सकता है।

First Published - April 23, 2024 | 7:29 PM IST

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