आज संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2022-23 में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023 ग्रामीण वेतन में वास्तविक वृद्धि (नवंबर 2022 तक) नकारात्मक रही है। इसकी वजह बढ़ी हुई महंगाई है। इसमें उम्मीद जताई गई है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिंसों के दाम कम होने और घरेलू स्तर पर खाद्यान्न की कीमत घटने से […]
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आर्थिक समीक्षा 2022-23 में कहा गया है कि सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा को सुलभ और सस्ती बनाने के लिए केंद्र व राज्यों का सार्वजनिक स्वास्थ्य पर व्यय धीरे धीरे बढ़ाकर 2025 तक सकल घरेलू उत्पाद के 2.5 फीसदी के बराबर करने की जरूरत है। आर्थिक समीक्षा में पंद्रहवें वित्त आयोग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 का […]
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वित्त वर्ष की पहली छमाही में भारत का चालू खाते का घाटा बढ़कर जीडीपी के 3.3 फीसदी पर भले ही पहुंच गया हो, पर सस्ता कच्चा तेल, सेवाओं के शुद्ध निर्यात व विदेश से धन प्रेषण में सुदृढ़ता के चलते वित्त वर्ष 23 की बाकी अवधि में चालू खाते का घाटा सीमा के भीतर रहने […]
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शहरी और ग्रामीण दोनो इलाकों में श्रम बाजार कोविड-19 के पहले के स्तर पर पहुंच गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज संसद में पेश आर्थिक समीक्षा 2022-23 के मुताबिक आपूर्ति और मांग दोनों मामलों में यह अब महामारी के पहले के स्तर पर है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा कराए गए आवधिक श्रम […]
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वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की जीडीपी 6-6.8 फीसदी के दायरे में रहने का अनुमान है। मंगलवार को जारी 2022-23 के आर्थिक समीक्षा में यह जानकारी दी गई है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और उनकी टीम द्वारा तैयार की गई समीक्षा में कहा गया है, ‘महामारी के कारण […]
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भारतीय अर्थव्यवस्था पर बाहरी झटकों की मार जैसे ही कम होगी वैसे ही उसे नरेंद्र मोदी सरकार के दो कार्यकाल में अब तक किए गए सुधारों का फायदा मिलने लगेगा। वित्त वर्ष 2022-23 की आर्थिक समीक्षा (Economic Survey) में यह भरोसा जताया गया है। मगर समीक्षा में आगाह किया गया है कि वैश्विक मांग घटने […]
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इकोनॉमिक सर्वे (आर्थिक समीक्षा) में कहा गया है कि भारत में मुद्रास्फीति (Inflation) में तेजी आने का जोखिम दूर हो गया है। वित्त वर्ष 2023-24 में महंगाई की चुनौती बीते वर्ष के मुकाबले कम चिंताजनक रहने का अनुमान है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 6.7 प्रतिशत, और अगले वित्त […]
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देश की आर्थिक वृद्धि दर अगले वित्त वर्ष (2023-24) में कुछ धीमी पड़कर 6 से 6.8 फीसदी रहने का अनुमान है। इसका एक बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर विभिन्न चुनौतियों से निर्यात प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि इसके बावजूद देश दुनिया में बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले तीव्र आर्थिक वृद्धि हासिल करने वाला बना रहेगा। […]
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राजस्व संग्रह में सुस्त वृद्धि से दिसंबर के अंत में सरकार का फिस्कल डेफिसिट समूचे वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 59.8 फीसदी हो गया। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह आंकड़ा जारी किया। मंत्रालय के मुताबिक, सरकार के राजस्व एवं व्यय के बीच के अंतर को दर्शाने वाला फिस्कल डेफिसिट वास्तविक संदर्भ में अप्रैल-दिसंबर, […]
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भारतीय कृषि ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव, खेती की बढ़ती लागत आदि जैसी कुछ चुनौतियों की पृष्ठभूमि में इस क्षेत्र को नई दिशा देने की जरूरत है। संसद में मंगलवार को पेश 2022-23 की आर्थिक समीक्षा में यह कहा गया है। अन्य चुनौतियों में छोटी जोत भूमिधारिता, कृषि मशीनीकरण […]
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