भारत न्यूजीलैंड को 20 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) करने में विफल रहने की स्थिति में ‘छूट अवधि’ या ‘अतिरिक्त समय’ देने के मामले में निगरानी समिति का गठन करेगा। भारत और न्यूजीलैंड ने 22 दिसंबर को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी। इस बातचीत के तहत न्यूजीलैंड […]
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केंद्र सरकार आगामी आम बजट में वित्त वर्ष 2027 के लिए कर्ज-सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) अनुपात को घटाकर 54.5-55 फीसदी पर सीमित करने का लक्ष्य रख सकती है। वित्त वर्ष 2026 के लिए यह लक्ष्य 56.1 फीसदी है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त […]
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साल 2025 में भारत की विदेशी नीति में ज़्यादा ध्यान शिखर बैठकों पर नहीं, बल्कि व्यापारिक मुद्दों पर रहा। इस साल भारत ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बाजार पहुंच बनाने, “हथियारबंद” व्यापार से बचने और ग्लोबल सप्लाई चेन में भरोसेमंद भागीदार के रूप में खुद को पेश करने की कोशिश की। कांग्रेस व्यापार मंडल […]
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भारतीय अर्थव्यवस्था ने इस साल विदेशी चुनौतियों, खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ का सामना करते हुए भी मजबूती दिखाई है। फिर भी, आने वाले समय में स्थिति थोड़ी अस्थिर हो सकती है। 2025 के पहले नौ महीनों में अर्थव्यवस्था ने 7.4 से 8.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की, जो कई विशेषज्ञों […]
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केयरएज रेटिंग्स के विश्लेषकों का कहना है कि समूह बीमा, व्यक्तिगत पेंशन और लाइफ कवर उत्पादों के कारण वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के दौरान जीवन बीमा उद्योग की वृद्धि दर 8 से 11 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। इसके अलावा समर्थन देने वाले नियमन, तेज डिजिटलीकरण, प्रभावी वितरण और बेहतर ग्राहक सेवाओं […]
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल फरवरी में कनाडा यात्रा पर जा सकते हैं। मामले के जानकार सूत्रों ने कहा कि यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू की जा सकती है। पिछले सप्ताह भारत और कनाडा के मुख्य वार्ताकारों ने वर्चुअल बातचीत में प्रस्तावित समग्र आर्थिक साझेदारी […]
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साल 2025 के पहले 9 से11 महीनों में भारतीय अर्थव्यवस्था ने अमेरिकी शुल्कों सहित तमाम बाहरी चुनौतियों का डट कर मुकाबला करने के साथ दमदार प्रदर्शन भी किया है। हालांकि, आने वाला समय देश की अर्थव्यवस्था के लिए उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। आगे हालात खराब भले ही न हो मगर बहुत अच्छे रहने के […]
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राज्यों ने वित्त वर्ष 2026 की अप्रैल से नवंबर की अवधि में पूंजीगत व्यय के लिए अपने वार्षिक आवंटन का महज 38.3 फीसदी रकम ही खर्च की। पूरे वित वर्ष के लिए राज्यों को 9.64 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। यह खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा तैयार 21 राज्यों […]
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Budget 2026: भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने बुधवार को व्यापक आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने के लिए चार सूत्री राजकोषीय रणनीति की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसमें वित्त वर्ष 27 के केंद्रीय बजट से पहले सरकार के ऋण के तरीके का कड़ाई से पालन, मजबूत राजकोषीय पारदर्शिता, उच्च राजस्व जुटाना और तेज व्यय दक्षता का आह्वान […]
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भारत के कर रुझान में एक दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। ओडिशा और तेलंगाना जैसे अपेक्षाकृत छोटे कर संग्रह वाले राज्य ही वास्तव में अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष कर संग्रह में सबसे तेजी से वृद्धि करने वाले योगदानकर्ता बनकर उभरे हैं। वे महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात और तमिलनाडु जैसे पारंपरिक आर्थिक केंद्रों के लंबे समय […]
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