यूरोप में युद्ध के कारण महंगाई के दबाव के बावजूद अप्रैल-जून तिमाही में भारत में परिवारों की खपत और पूंजीगत निवेश के आकड़ों में मजबूत सुधार नजर आ रहा है। बहरहाल जीडीपी के प्रतिशत के हिसाब से सरकार की खपत कम हुई है। वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में परिवार और निजी क्षेत्र […]
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वित्त वर्ष 23 की अप्रैल-जून तिमाही कृषि एवं संबंधित गतिविधियों की वृद्धि एक बार फिर स्थिर मूल्य पर 4.5 प्रतिशत रही है। मुख्य रूप से रबी की फसलों का उत्पादन बेहतर रहने और कुछ खाद्य वस्तुओं के दाम में तेज बढ़ोतरी की वजह से ऐसा हुआ है। कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन क्षेत्र का जीवीए […]
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भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 13.5 फीसदी बढ़ी। हालांकि कोविड-19 की वजह से आर्थिक गतिविधियों में कमी के कारण कम आधार प्रभाव के कारण वृद्धि ज्यादा दिख रही है। हालांकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर पिछली चार तिमाहियों में सबसे अधिक रही। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर […]
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आठ बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर (Core sector growth) जुलाई में धीमी पड़कर 4.5 प्रतिशत रही। उत्पादन वृद्धि की यह दर छह महीने में सबसे कम है। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, एक साल पहले इसी महीने में यह 9.9 प्रतिशत थी। बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर जून में 13.2 प्रतिशत, मई में […]
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देश की अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 13.5 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है। यह पिछली चार तिमाहियों में सबसे अधिक है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) से बुधवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इससे पिछले वित्त वर्ष (2021-22) की अप्रैल-जून तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की […]
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केंद्र का फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटा) चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों यानी जुलाई के अंत तक वार्षिक लक्ष्य के 20.5 प्रतिशत पर पहुंच गया है। एक साल पहले की समान अवधि में यह 21.3 प्रतिशत था। बुधवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह आंकड़ा सार्वजनिक वित्त की स्थिति में सुधार को दर्शाता […]
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चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जून तिमाही के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय (एनएसओ) आज शाम को जारी करेगा। बता दें कि इन आंकड़ों से इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कृषि और विनिर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों के विस्तार की जानकारी मिलेगी। विश्लेषकों का मानना है […]
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भारत की अर्थव्यवस्था में बीते समय में कुछ सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। अर्थशास्त्रियों का ऐसा मानना है कि इस साल अप्रैल-जून तक भारत की अर्थव्यवस्था ने अपना सबसे तेज वार्षिक विस्तार हासिल किया है। लेकिन अब ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि उच्च ब्याज दरों के कारण आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती […]
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भारत के नीति निर्माताओं को देश के सभी क्षेत्रों और नागरिकों का समान विकास सुनिश्चित करने की जरूरत है। सरकार की नीतियां ज्यादा नौकरियों के सृजन पर केंद्रित होनी चाहिए। अगर एशिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था को 2047 तक मध्य आय वाला देश बनना है तो यह करना जरूरी है। प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद […]
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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाह समिति (ईएसी पीएम) के अध्यक्ष विवेक देवराय ने कहा है कि तनावपूर्ण भू-राजनीतिक प्रभाव के बाद भी देश बजट में अनुमानित 11.1 फीसदी आर्थिक विकास दर हासिल करेगा। कंपेटिटिवनेस रोडमैप फॉर इंडिया @ 100 रिपोर्ट जारी होने के मौके पर देवराय ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि बजट […]
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