साख तय करने वाली एजेंसी फिच रेटिंग्स ने बुधवार को 31 मार्च, 2022 को समाप्त होने वाले चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 8.4 प्रतिशत कर दिया। उसने कहा कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के बाद पुनरुद्घार उम्मीद से कमतर रहने की वजह से ऐसा किया […]
आगे पढ़े
सूक्ष्म वित्त के क्षेत्र में बदलाव को दर्शाने हुए परिसंपत्ति गुणवत्ता के दबाव में क्रमिक रूप से गिरावट आई है। सितंबर में 30 से अधिक दिन के बकाये वाला ऋण (30 प्लस डीपीडी) घटकर 10.4 प्रतिशत रह गया, जबकि जून2021 में यह 15 प्रतिशत था। जून महीने की तरह ही सितंबर 2021 में 90 प्लस […]
आगे पढ़े
कोरोनावायरस के रूप ओमीक्रोन के प्रसार की घोषणा के बाद भी काम पर जाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। देश में कार्यस्थल पर जाने वालों का सात दिनों का औसत, ताजा हफ्ते में कोविड-पूर्व समय के 2.9 फीसदी के दायरे में था। यह 25 नवंबर को कोविड पूर्व दौर के 5.9 […]
आगे पढ़े
देश में अमीर और गरीब के बीच की खाई चौड़ी होती जा रही है। 2021 में देश की कुल राष्ट्रीय आय का करीब 20 फीसदी महज एक फीसदी लोगों के हाथों में है। दूसरी ओर निचले तबके की आधी आबादी कुल राष्ट्रीय आय की महज 13.1 फीसदी कमाई करती है। यह जानकारी विश्व असमानता रिपोर्ट […]
आगे पढ़े
वित्त मंत्रालय ने सोमवार को संसद को बताया कि देश में क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कोई योजना नहीं है और प्रस्तावित सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) में अस्थिरता नहीं होगी, जो आमतौर पर निजी आभासी मुद्राओं के साथ जुड़ी रहती है। हालांकि लोकसभा को बताया गया है कि सीबीडीसी के […]
आगे पढ़े
पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन सुप्रतिम बंद्योपाध्याय ने कहा है कि नियामक नए एन्यूटी उत्पादों की अनुमति देने पर विचार कर सकता है। हालांकि, एन्यूटी से इतर उत्पादों की अनुमति देने के लिए प्राधिकरण को पीएफआरडीए अधिनियम में संशोधन होने तक का इंतजार करना होगा। यह अधिनियम संशोधन के लिए संसद […]
आगे पढ़े
तीन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने के बाद चूंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने की चर्चा जोर पकड़ रही है, ऐसे में प्रदर्शनकारी किसानों की मांग को पूरा करने के लिए कई प्रकार के विकल्प सुझाए जा रहे हैं। विभिन्न वक्तव्यों और विचारों में इनमें से जिस एक योजना की बार […]
आगे पढ़े
लोगों ने वर्ष 2021-22 की दूसरी तिमाही के दौरान संभवत: मुद्रास्फीति से बचाव के तौर पर तेज गति से सोना, कीमती रत्न और कलाकृतियों की खरीद की है, जिसने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि को बढ़ाने में खासी भूमिका निभाई। अर्थशास्त्रियों के एक वर्ग का कहना है कि यह उस दर्द का संकेत देता […]
आगे पढ़े
ऐसा लगता है कि कम से कम 2015-16 के दौरान विकास का लाभ केवल शहरी इलाकों तक ही सीमित रहा। बहुआयामी गरीबी पर नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 के दौरान एक ओर जहां देश में 25.01 फीसदी आबादी बहुआयामी गरीबी की चपेट में थी वहीं, ग्रामीण इलाकों में गरीबी अनुपात 32.75 फीसदी […]
आगे पढ़े
अर्थव्यवस्था में निवेश बहाल होने को लेकर वित्त मंत्रालय उत्साहित है, वहीं निजी क्षेत्र से बड़ा पूंजी निवेश होता देखने के लिए अभी थोड़ा इंतजार करना होगा।अपनी हाल की मासिक समीक्षा में आर्थिक मामलों के विभाग ने कहा कि भारत में निवेश के चक्र की बहाली की राह तैयार है, जिससे विश्व की तेजी से […]
आगे पढ़े