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RBI ने सरकार को वित्त वर्ष 24 के लिए 2.11 लाख करोड़ रुपये लाभांश देने कीं मंजूरी दी

RBI dividend FY24: विशेषज्ञों का कहना है कि इस अधिक लाभांश से सरकार की तरलता (लिक्विडिटी) में सुधार होगा और उसके बाद सरकारी खर्च को भी सहारा मिलेगा।

Last Updated- May 22, 2024 | 4:37 PM IST
RBI MPC Meet

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सरकार को 2,10,874 करोड़ रुपये अधिशेष राशि (सरप्लस) के तौर पर देने को मंजूरी दे दी है। यह जानकारी RBI ने 22 मई को दी।

RBI का कहना है कि वित्त वर्ष 2024 के लिए यह अधिशेष राशि का ट्रांसफर बिमल समिति की सिफारिशों के आधार पर RBI द्वारा अपनाए गए आर्थिक पूंजी ढांचे (ECF) पर आधारित है। ECF को RBI ने 26 अगस्त 2019 को अपनाया था।

यह लाभांश, जो 2024-25 में सरकार के खाते में जाएगा, सरकार के अनुमान से काफी अधिक है। अधिशेष राशि वित्त वर्ष 24 की है, लेकिन सरकारी खातों में वित्त वर्ष 25 में दिखाई देगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस अधिक लाभांश से सरकार की तरलता (लिक्विडिटी) में सुधार होगा और उसके बाद सरकारी खर्च को भी सहारा मिलेगा।

सरकार को रिजर्व बैंक से मिलने वाले लाभांश को लेकर पहले से ही थोड़ा कम अनुमान लगाया गया था। हालांकि, असलियत में यह राशि काफी ज्यादा मिलने वाली है। सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रिजर्व बैंक से 1.02 लाख करोड़ रुपये लाभांश मिलने का बजट बनाया था। यह राशि पिछले साल यानी वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सरकार के संशोधित अनुमान (1.04 लाख करोड़ रुपये) से भी थोड़ी कम है।

रिज़र्व बैंक की बैठक में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव अजय सेठ और वित्तीय सेवाओं के विभाग के सचिव विवेक जोशी भी शामिल हुए। बैठक में यह भी फैसला किया गया कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए आकस्मिक जोखिम बफर (CRB) को बढ़ाकर 6.50 प्रतिशत कर दिया जाए। रिजर्व बैंक का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, इसलिए यह फैसला लिया गया है।

First Published - May 22, 2024 | 4:37 PM IST

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