अर्थव्यवस्था

RBI Annual Report: RBI के विदेशी मुद्रा लेन-देन का मुनाफा 52% बढ़ा, कमाया ₹1.69 लाख करोड़ का लाभ

वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता को रोकने के लिए अग्रिम बाजार में 195 अरब डॉलर की सकल बिक्री की

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- May 29, 2026 | 10:05 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के विदेशी मुद्रा लेन-देन से होने वाले लाभ में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सालाना 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई। केंद्रीय बैंक की शुक्रवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में विदेशी मु्द्रा लेन देन से 1.69 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ जबकि यह वित्त वर्ष 2024-25 में 1.11 लाख करोड़ रुपये था।

वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता को रोकने के लिए अग्रिम बाजार में 195 अरब डॉलर की सकल बिक्री की। वित्त वर्ष 26 में भारतीय रुपया 9.85 प्रतिशत गिरा। फरवरी के अंत में शुरू हुए पश्चिम एशिया युद्ध के बाद मार्च में भारतीय मुद्रा लगभग 4 प्रतिशत गिर गई थी।

वार्षिक खातों से यह भी पता चला है कि 31 मार्च, 2026 तक के बकाया अग्रिम अनुबंधों के मार्क-टू-मार्केट मूल्यांकन के परिणामस्वरूप 43,403 करोड़ रुपये का शुद्ध अवास्तविक घाटा हुआ जबकि 31 मार्च, 2025 तक 6,985 करोड़ रुपये का शुद्ध अवास्तविक लाभ था। 

यह घाटा विदेशी मुद्रा के अग्रिम कॉन्ट्रैक्ट्स वैल्यूएशन अकाउंट (एफसीवीए) में घटाया  गया। इसके विपरीत प्रोविजन फॉर फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स वैल्यूएशन अकाउंट (पीएफसीवीए) में जोड़ा गया। मार्च के अंत तक उसके फॉरवर्ड पोर्टफोलियो की शुद्ध अल्प स्थिति 103.06 अरब डॉलर तक बढ़ गई, जो एक साल पहले 84.3 अरब डॉलर थी। केंद्रीय बैंक ने कम से कम पांच वर्षों में पहली बार बकाया फॉरवर्ड अनुबंधों पर मार्क-टू-मार्केट शुद्ध घाटा दर्ज किया है।

रिजर्व बैंक ने बताया कि एफसीवीए में डेबिट शेष को 31 मार्च, 2026 को आकस्मिकता निधि के मुकाबले समायोजित किया गया और मौजूदा लेखांकन नीति के अनुसार अगले वर्ष के पहले कार्य दिवस पर इसे उलट दिया गया। नतीजतन, वित्त वर्ष 26 के अंत में एफसीवीए में शेष राशि शून्य थी। वित्त वर्ष 26 में रिजर्व बैंक के बही खाते का आकार 20.6 प्रतिशत बढ़कर 91.97 लाख करोड़ रुपये हो गया। 

संपत्ति पक्ष में यह वृद्धि घरेलू निवेश में 44.9 प्रतिशत, सोने में 63.8 प्रतिशत और विदेशी निवेश में 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण हुई। 

First Published : May 29, 2026 | 10:02 PM IST