facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

RBI Monetary Policy: जानें आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के संबोधन की मुख्य बातें

Advertisement

RBI ने 2024-25 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान सात प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यह 2023-24 के 7.6 प्रतिशत के अनुमान से कम है।

Last Updated- April 05, 2024 | 12:51 PM IST
RBI governor Shaktikanta Das

RBI Monetary Policy key Points: रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकान्त दास (RBI Governor) ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा पेश की। इसकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं। * प्रमुख नीतिगत दर रेपो 6.5 प्रतिशत पर कायम।

* 2024-25 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर का अनुमान सात प्रतिशत पर बरकरार। यह 2023-24 के 7.6 प्रतिशत के अनुमान से कम है।

* चालू वित्त वर्ष में खुदरा मुद्रास्फीति औसतन 4.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान। यह 2023-24 के 5.4 प्रतिशत के अनुमान से कम है।

* खाद्य कीमतों पर अनिश्चितताएं मुद्रास्फीति के परिदृश्य को प्रभावित करेंगी।

* ग्रामीण मांग बढ़ने से 2024-25 में उपभोग से आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलने की उम्मीद।

* सामान्य मानसून की उम्मीद के बीच रबी गेहूं की अच्छी फसल तथा खरीफ फसल की संभावनाएं बेहतर होने से कृषि, ग्रामीण गतिविधियों का परिदृश्य बेहतर।

* मजबूत ग्रामीण मांग, मुद्रास्फीति का दबाव कम होने और विनिर्माण और सेवा गतिविधियों में तेजी से निजी खपत को प्रोत्साहन मिलेगा।

* लंबे समय तक भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार मार्गों में बढ़ते व्यवधानों से उत्पन्न होने वाली प्रतिकूल परिस्थितियां परिदृश्य के लिए जोखिम।

* वृद्धि की मजबूत रफ्तार के साथ 2024-25 के लिए जीडीपी अनुमान से आरबीआई के लिए मूल्य स्थिरता के मोर्चे पर ध्यान देने की नीतिगत गुंजाइश।

* अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में सॉवरेन हरित बॉन्ड के कारोबार की अनुमति

*सरकारी प्रतिभूतियों में खुदरा भागीदारी की सुविधा के लिए एक मोबाइल ऐप पेश किया जाएगा।

* यूपीआई के जरिये बैंकों में नकदी जमा करने की सुविधा मिलेगी।

* गैर-बैंक भुगतान प्रणाली ऑपरेटरों को सीबीडीसी (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) वॉलेट की पेशकश करने की अनुमति।

* विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का शुद्ध प्रवाह 2023-24 के दौरान 41.6 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। यह 2014-15 के बाद दूसरा सबसे ऊंचा एफपीआई प्रवाह है।

* भारत दुनिया में रेमिटेंस या धन प्रेषण पाने में सबसे आगे।

* 2024-25 में चालू खाते घाटा एक ऐसे स्तर पर रहेगा जो व्यवहार्य और उल्लेखनीय रूप से प्रबंधन के दायरे में होगा।

* भारतीय रुपया अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्रा की तुलना में 2023-24 में एक दायरे में रहा।

* वित्त वर्ष 2023-24 में रुपया प्रमुख मुद्राओं में सबसे स्थिर रहा।

* अगली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पांच से सात जून को होगी।

Advertisement
First Published - April 5, 2024 | 12:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement