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RBI MPC: कुछ ही देर में गर्वनर दास सुनाएंगे कमेटी के नतीजे, रीपो रेट समेत कई बदलावों पर बाजार की नजर

MPC बैठक के बीच विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि मुद्रास्फीति और अन्य वैश्विक कारकों के बीच केंद्रीय बैंक repo rate को 6.5 प्रतिशत पर ही कायम रख सकता है।

Last Updated- October 06, 2023 | 11:40 AM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आज यानी 6 अक्टूबर को सुबह 10 बजे अपनी चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करने के लिए तैयार है। RBI गवर्नर शक्तिकांत दास की अगुवाई में चली MPC की तीन दिवसीय बैठक आज समाप्त हो जाएगी और 4 अक्टूबर को शुरु हुई RBI की इस मीटिंग का आज निर्णय घोषित किए जाएंगे। ऐसे में, मौद्रिक समीक्षा बैठक के बीच विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि मुद्रास्फीति और अन्य वैश्विक कारकों के बीच केंद्रीय बैंक नीतिगत दर रेपो (repo rate ) को 6.5 प्रतिशत पर ही कायम रख सकता है।

क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डी के जोशी ने PTI से कहा, ‘मुझे लगता है कि अगस्त में पिछली MPC बैठक और इस समय के बीच महंगाई दर बढ़ गई है, वृद्धि मजबूत बनी हुई है, जबकि वैश्विक कारक इस अर्थ में थोड़े प्रतिकूल हो गए हैं कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अब भी अपने रुख में आक्रामक है। ऐसे में RBI द्वारा नीतिगत दर को यथावत रखने की उम्मीद है।’ उन्होंने कहा कि आरबीआई वृद्धि की मजबूती देखते हुए मुद्रास्फीति पर ध्यान बढ़ाएगा।

क्यों RBI नहीं करेगा दरों में बदलाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक अपनी प्रमुख ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं करेगा और महंगाई दर पर अपना फोकस बनाए रखेगा क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और फेडरल रिजर्व की सख्ती से रुपये पर दबाव बढ़ रहा है।

Also Read: RBI MPC Meeting: विशेषज्ञों की राय, रीपो दर में बदलाव नहीं करेगा रिजर्व बैंक

ब्लूमबर्ग सर्वेक्षण में सभी 38 अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति लगातार चौथी बार रीपरचेज रेट को 6.5% पर अपरिवर्तित रखेगा।

हाल ही में खाद्य कीमतों में कमी के कारण कुछ मंदी के बावजूद महंगाई दर केंद्रीय बैंक के टॉरगेट रेंज 4% से काफी ऊपर बनी हुई है। फेड के कड़े रुख और रुपये जैसी मुद्राओं पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए, गवर्नर शक्तिकांत दास मुद्रास्फीति पर किसी भी संकेत से बच सकते हैं कि दर में कटौती अभी होने वाली है। RBI ने पिछले साल से अपनी प्रमुख दर में 2.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की है।

कैसे रहेगा आज का Share Market ?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ब्याज दर निर्णय के बीच बैंक, फाइनैंशियल सर्विस कंपनियों, ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट फर्म जैसे रेट सेंसिटिव शेयरों में आज हलचल देखने को मिलेगी।

RBI की MPC बैठक से किन नतीजों की है उम्मीद?

RBI गवर्नर दास मुंबई में आज सुबह 10 बजे शुरू होने वाले वेबकास्ट में करेंगे। ऐसे में मुद्रास्फीति और रेपो रेट को लेकर विशेषज्ञ कई तरह की उम्मीद जता रहे हैं। आइए देखते हैं क्या है अर्थशास्त्रियों की राय-

महंगाई दर

अगस्त में मुद्रास्फीति घटकर 6.83% हो गई, लेकिन अभी इसके ऊंचे बने रहने की संभावना है क्योंकि तेल की कीमतें आरबीआई के 85 डॉलर के अनुमान से ऊपर 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं।

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अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि साल के अंत तक महंगाई धीरे-धीरे कम हो जाएगी, हालांकि यह आरबीआई के लक्ष्य के टॉरगेट पॉइंट से ऊपर रहेगी।

लिक्विडिटी

अगस्त में अपनी आखिरी बैठक में, RBI ने 2,000 रुपये के नोटों को चलन से हटाने के कारण होने वाली एक्सेस लिक्विडिटी को खत्म करने में मदद करने के लिए एक अस्थायी कदम के रूप में बैंकों द्वारा रिजर्व में रखी जाने वाली नकदी की मात्रा में वृद्धि की। RBI ने बची हुई नकदी को निकालने के लिए सेकंडरी मार्केट में सरकारी बाॉन्ड भी बेचे।

ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक्स के मुताबिक, 3 अक्टूबर तक बैंकिंग सिस्टम लिक्विडिटी में 183 बिलियन रुपये (2.2 बिलियन डॉलर) की कमी में थी, जबकि आरबीआई द्वारा बैंकों के लिए रिजर्व रोसियो बढ़ाने से पहले 2 ट्रिलियन रुपये का सरप्लस था।

बॉन्ड फ्लो

जेपी मॉर्गन ऐंड चेस कंपनी के उभरते बाजार बॉन्ड इंडेक्स में भारत के बॉन्ड शामिल होने के बाद निवेशक जनवरी के बाद अपेक्षित अरबों डॉलर के विदेशी प्रवाह को हैंडल के लिए RBI की स्ट्रैटेजी तलाश रहे हैं।

First Published - October 6, 2023 | 9:44 AM IST

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