facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

RBI MPC Meet: ब्याज दरों में कटौती की योजना नहीं, मुद्रास्फीति हमारी उच्च प्राथमिकता – शक्तिकांत दास

रीपो दर को लगातार पांचवीं बार स्थिर रखने की घोषणा करते समय दास के बयान में शामिल ‘अत्यधिक सख्ती’ का कुछ और मतलब नहीं समझा जाना चाहिए।

Last Updated- December 08, 2023 | 2:22 PM IST
RBI Guv Shaktikanta Das
RBI monetary policy statement by governor Shaktikanta Das

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को कहा कि नीतिगत दरें कम करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है क्योंकि केंद्रीय बैंक के लिए मुद्रास्फीति अभी भी उच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

दास ने यहां आरबीआई मुख्यालय में मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि रीपो दर को लगातार पांचवीं बार स्थिर रखने की घोषणा करते समय उनके बयान में शामिल ‘अत्यधिक सख्ती’ का कुछ और मतलब नहीं समझा जाना चाहिए।

दास ने कहा कि आरबीआई की रीपो दर में कटौती की फिलहाल कोई योजना नहीं है। दास ने कहा कि मुद्रास्फीति पर नियंत्रण केंद्रीय बैंक की शीर्ष वरीयता है। पिछले कुछ महीनों में मुद्रास्फीति के आंकड़े संतोषजनक रहे हैं।

यह भी पढ़ें : RBI MPC Meet Highlights : महंगाई से निपटना मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की सर्वोच्च प्राथमिकता- गवर्नर दास

अक्टूबर में कुल मुद्रास्फीति दर गिरकर 4.87 प्रतिशत आ गई।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा ने कहा कि पहली छमाही में आर्थिक वृद्धि और अक्टूबर एवं नवंबर के उच्च आंकड़ों को देखते हुए चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का सात प्रतिशत की दर से बढ़ना एक ‘रुढ़िवादी अनुमान’ ही है।

First Published - December 8, 2023 | 2:22 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट