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RBI पूरी तरह सतर्क, मॉनेटरी पॉलिसी का जोर महंगाई कम करने पर : शक्तिकांत दास

दास ने यह भी कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भारत में फिनटेक क्रांति में अभूतपूर्व भूमिका निभाई है।

Last Updated- November 09, 2023 | 4:45 PM IST
बैंकिंग साख: मुद्रास्फीति नियंत्रण का वादा पूरा करेंगे दास!, Das will fulfill the promise of controlling inflation!
RBI Governor Shaktikanta Das

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय बैंक पूरी तरह से सतर्क है और मौद्रिक नीति का रुख आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने के साथ महंगाई को काबू में लाने पर है। सरकार ने केंद्रीय बैंक को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत पर रखने की जिम्मेदारी दी हुई है।

फिन टेक परिवेश ग्राहक केंद्रित- गवर्नर दास

दास ने तोक्यो में एक संगोष्ठी में आरबीआई के वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिन टेक) परिवेश का जिक्र करते हुए कहा कि यह ग्राहक केंद्रित है। उन्होंने कहा कि बेहतर संचालन व्यवस्था, प्रभावी निरीक्षण, नैतिक रूप से उपयुक्त गतिविधियां और जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित करने और स्व-नियामक संगठन (SRO) के माध्यम से फिनटेक के स्व-नियमन को प्रोत्साहित करने पर ध्यान है।

13 नवंबर को जारी होगा अक्टूबर महीने का महंगाई का आंकड़ा

दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी अक्टूबर की बैठक में 2023-24 के लिये खुदरा मुद्रास्फीति 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो 2022-23 के 6.7 प्रतिशत से कम है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति सितंबर में घटकर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गयी है। अक्टूबर महीने का महंगाई का आंकड़ा 13 नवंबर को जारी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हालांकि सकल (हेडलाइन) मुद्रास्फीति खाद्य कीमतों के झटकों को लेकर संवेदनशील बनी हुई है। वहीं मुख्य (कोर) मुद्रास्फीति जनवरी, 2023 में अपने उच्चस्तर पर पहुंचने के बाद 1.70 प्रतिशत नीचे आ चुकी है।

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मौद्रिक नीति का रुख महंगाई को काबू में लाने पर

RBI गवर्नर ने कहा, ‘‘इन परिस्थितियों में मौद्रिक नीति का रुख सतर्क बना हुआ है और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देते हुए मुद्रास्फीति को लक्ष्य के अनुरूप रखने को कीमतों को नीचे लाने की दिशा में काम कर रही है।’’

मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने मुख्य नीतिगत दर ‘रीपो रेट’ को अक्टूबर में द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। यह लगातार चौथी बार था, जब रीपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया। MPC की अगली बैठक दिसंबर की शुरुआत में होने वाली है।

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UPI ने डिजिटल लेनदेन का तरीका बदला

दास ने यह भी कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने भारत में फिनटेक क्रांति में अभूतपूर्व भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता की कहानी वास्तव में एक अंतरराष्ट्रीय मॉडल बन गई है। ‘मोबाइल एप्लिकेशन’ के माध्यम से बैंक खातों के बीच तुरंत धन का अंतरण करने की इसकी क्षमता ने लोगों के डिजिटल लेनदेन के तरीके को बदल दिया है।

भारत और जापान की तेज भुगतान प्रणालियों को जोड़ने की संभावना

दास ने जापान के तोक्यो में उद्योग मंडल तोक्यो चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में भारतीय आर्थिक अध्ययन संस्थान की भारतीय अर्थव्यवस्था पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘इसके अलावा UPI को अन्य देशों की तेज भुगतान प्रणालियों के साथ जोड़ने का भी काम जारी है। फिनटेक का लाभ उठाने और सीमापार से भुगतान को अधिक कुशल और सस्ता बनाने के लिये भारत और जापान की तेज भुगतान प्रणालियों को जोड़ने की संभावना का पता लगाया जा सकता है।’’

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भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन संतोषजनक

भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन के बारे में दास ने कहा कि यह ‘संतोष की बात’ है कि हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव भरे हालात में भी यह सुगमता से आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा, ‘‘अपनी अंतर्निहित मजबूती और सूझबूझ के साथ नीतिगत उपायों से वृद्धि को गति और मजबूती मिल रही है। साथ ही मुद्रास्फीति भी काबू में आ रही है। हमारा आर्थिक प्रदर्शन महामारी के समय से सोच-विचार कर किये गये उपायों, उपयुक्त मौद्रिक तथा राजकोषीय नीतियों के दम पर बेहतर रहा है।’’ हालांकि, दास ने यह भी कहा कि मौजूदा अनिश्चित माहौल में आत्मसंतुष्टि की गुंजाइश नहीं है।

First Published - November 9, 2023 | 4:20 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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