भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि खुदरा मुद्रास्फीति का अप्रैल में घटकर 4.7 फीसदी रह जाना ‘बेहद संतोषजनक’ है। उन्होंने कहा कि आज जारी आंकड़ों से पता चलता है कि मौद्रिक नीति सही रास्ते पर है। हालांकि उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की कि मुद्रास्फीति में नरमी से आरबीआई का रुख सतर्क से थोड़ा नरम होगा या उसमें बदलाव आएगा। दास ने कहा कि 8 जून को मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक में इसकी तस्वीर साफ होगी।
जी-20 के शेरपा अमिताभ कांत की किताब ‘मेड इन इंडिया’ के विमोचन कार्यक्रम में दास ने कहा कि आरबीआई को पूरा भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष में देश के वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5 फीसदी रहेगी। हालांकि अन्य विश्लेषक इससे सहमत नहीं हैं।
दास ने कहा कि निजी निवेश भी जोर पकड़ रहा है और इस्पात, सीमेंट तथा पेट्रो रसायन जैसे क्षेत्रों में यह स्पष्ट तौर पर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि अगर भारत 6.5 फीसदी की दर से विकास करता है तो इस साल वैश्विक वृद्धि दर में इसका 15 फीसदी का योगदान होगा।
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आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र और सरकार दोनों को अनुसंधान और विकास पर खर्च बढ़ाने की जरूरत है। दास ने कहा, ‘हमें सुधार जारी रखने की जरूरत है तथा यह भी सुनिश्चित करना है कि सर्वोत्तम प्रौद्योगिकी हमारे पास उपलब्ध रहे।’