Retail Inflation: महंगाई के मोर्चे पर आम जनता को फरवरी में राहत मिली है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित महंगाई फरवरी में सालाना आधार पर 1.35 फीसदी कम होकर 5.09 फीसदी पर आ गई। मंगलवार को NSO ने यह आंकड़े जारी किए।
NSO के आंकड़ों के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर फरवरी में पिछले महीने की तुलना में लगभग स्थिर 5.09 फीसदी पर रही। CPI आधारित खुदरा महंगाई जनवरी में 5.1 फीसदी और एक साल पहले की समान अवधि में यानी फरवरी 2023 में यह 6.44 फीसदी थी। फरवरी में फूड बॉस्केट में खुदरा महंगाई 8.66 फीसदी थी, जो पिछले महीने के 8.3 फीसदी से मामूली ज्यादा थी।
सरकार ने रिजर्व बैंक को मंहगाई को दो फीसदी घट-बढ़ के साथ चार फीसदी के दायरे में रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।
पिछले महीने, केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष (2023-24) के लिए CPI आधारित महंगाई 5.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था और जनवरी-मार्च तिमाही में 5 फीसदी दर्ज किया गया था।
भारत का औद्योगिक उत्पादन जनवरी, 2024 में 3.8 फीसदी बढ़ा है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) के आधार पर मापा जाने वाला औद्योगिक उत्पादन जनवरी, 2023 में 5.8 फीसदी बढ़ा था।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक जनवरी, 2024 में 3.8 फीसदी बढ़ा है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी, 2024 में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 3.2 फीसदी बढ़ा, जो एक साल पहले इसी महीने में 4.5 फीसदी बढ़ा था।
समीक्षाधीन अवधि में खनन उत्पादन की वृद्धि 5.9 फीसदी और बिजली उत्पादन की 5.6 फीसदी रही। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जनवरी के दौरान आईआईपी में 5.9 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 5.5 फीसदी बढ़ा था।