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स्पेस सेक्टर में FDI के लिए राह हुई आसान, इन शेयरों में दिख सकता है एक्शन

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला हुआ है. बैठक में स्पेस सेक्टर के लिए FDI की शर्तें आसान कर दी गईं है.

Last Updated- February 22, 2024 | 12:48 PM IST
FDI

Pm Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में स्पेस सेंटर में FDI को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक- सैटेलाईट मैन्यूफैक्चरिंग, ऑपरेशन, डाटा प्रोडक्ट में 74 फीसदी तक विदेशी निवेश ऑटोमेटिक रूट से आने को मंजूरी मिल गई है। बता दें, सैटेलाईट मैन्यूफैक्चरिंग, ऑपरेशन, डाटा प्रोडक्ट में 74 फीसदी से ज्यादा FDI के लिए मंजूरी जरूरी है।

सैटेलाईट लॉन्च व्हीकल, स्पेस पोर्टस और इससे जुड़े सिस्टम में 49 फीसदी तक FDI अब ऑटोमेटिक रूट से आ सकता है। वहीं सैटेलाईट के कंपोनेंट और यूजर सेगमेंट के लिए 100 फीसदी FDI ऑटोमेटिक रूट से आ सकता है।

शेयरों में दिख सकता है एक्शन

कैबिनेट के इस फैसले के बाद से स्पेस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में एक्शन दिख सकता है। स्पेस सेक्टर में कंपनियां रॉकेट कम्युनिकेशन और नैविगेशन के लिए कई तरह की सप्लाई पर निर्भर हैं जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेन्ट्स से लेकर मेटल गियर तक के इक्विपमेंट्स कंपनियां सप्लाई करती है।

इन कंपनियों के शेयरों पर फोकस-

इस सेक्टर की कंपनियों की बात करें तो इंडस्ट्रियल गैस मुहैया कराने वाली कंपनी Linde India के शेयरों पर फोकस रहेगा। वहीं स्पेस मिशन के लिए जरूरी मॉड्यूल्स और सिस्टम मुहैया कराने वाली कंपनी Centum Electronics पर भी .बाजार की नजर रहेगी।

इसी तरह से सैटेलाइड कम्युनिकेशन प्रोवाइडर Avantel के शेयरों में भी हलचल रह सकती है। इस कंपनी की ग्राहकों की लिस्ट में ISRO का भी नाम शामिल है।

एक्सपर्ट्स की मानें तो स्पेस कंपनियों को फायदा मिल सकता है। उनका कहना है कि आगे चलकर इन कंपनियों को ग्लोबल प्रोजेक्ट्स में भी मौके मिल सकते हैं।

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First Published - February 22, 2024 | 9:53 AM IST

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