आज शुक्रवार ( 23 सितंबर ) के शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 42 पैसे गिरकर अब तक के सबसे निचले स्तर 81.20 पर आ गया है। इससे पहले सुंबह 9 :15 बजे तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 81.15 के स्तर पर था। वही गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 80.87 पर बंद हुआ था। जबकि बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 79.79 के स्तर पर खुला था और दिन के कारोबार के दौरान इसमें लगातार गिरावट देखी गई थी।
बता दें, बुधवार को Dollar Index 2 दशकों के उच्च स्तर 110.87 पर पहुंच गया था।
मन जा रहा है कि फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने और मौद्रिक नीति को आगे और भी सख्त बनाए जाने के संकेत से डॉलर के मुकाबले रुपया कल 1.1 फीसदी नरम होकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया। जिसके बाद, गुरुवार शाम को डॉलर के मुकाबले रुपया 80.87 पर बंद हुआ, जो बुधवार को 79.98 पर बंद हुआ था।
रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रुपये में सबसे बड़ी गिरावट आई है। डॉलर के मुकाबले रुपये में इस साल अब तक 8 फीसदी की नरमी आ चुकी है। अमेरिकी डॉलर सूचकांक 20 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया और इस साल अब तक डॉलर करीब 16 फीसदी मजबूत हुआ है।
80 का स्तर अहम माना जाता है और रुपया पहली बार इसके नीचे बंद हुआ है। पिछले तीन दिन में कारोबार के दौरान रुपया 80 के स्तर को लांघ चुका था, लेकिन अंत में यह सभंलते हुए 80 से नीचे ही बंद हुआ था। रुपये में नरमी का असर सरकारी बॉन्ड पर भी दिखा। 10 वर्षीय बॉन्ड का प्रतिफल 8 आधार अंक बढ़कर 7.31 फीसदी पर बंद हुआ।
सभी उभरते बाजारों की मुद्राओं की तुलना में रुपये का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। एशियाई मुद्राओं में दक्षिण कोरिया का वॉन ही रुपये से ज्यादा 1.2 फीसदी टूटा है।