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सीतारमण ने श्रीलंका को दिलाया भरोसा, कहा-भारत ऋण पुनर्गठन पर मिलकर काम करना जारी रखेगा

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सीतारमण ने कहा पिछले साल जब श्रीलंका को अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, तो हमें लगा कि श्रीलंका में अपने दोस्तों के साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है।

Last Updated- November 02, 2023 | 8:29 PM IST
Govt to ensure that debt burden not passed on to future generation: FM

भारत ने गुरुवार को श्रीलंका को भरोसा दिलाया कि वह ऋण पुनर्गठन चर्चा पर उसके साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा और आर्थिक पुनरुद्धार के लिए समर्थन बढ़ाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय मूल के तमिलों (आईओटी) के आगमन की 200वीं वर्षगांठ मनाने के लिए श्रीलंका सरकार द्वारा आयोजित ‘एनएएएम 200’ को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले साल जब श्रीलंका को वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, तो भारत ने उसे चार अरब डॉलर से अधिक की बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की।

उन्होंने कहा, “पिछले साल जब श्रीलंका को अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा, तो हमें लगा कि श्रीलंका में अपने दोस्तों के साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है। हमारे श्रीलंकाई मित्रों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, हम उसे सहन नहीं कर सके। हमारी सरकार और भारत के लोगों ने सामूहिक रूप से कार्य किया और रिकॉर्ड समय में आपकी सहायता के लिए आगे आए।”

सीतारमण ने यह भी कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) को वित्तीय भरोसा देने वाला पहला द्विपक्षीय ऋणदाता था जिसने दूसरों के लिए भी इसी तरह का आश्वासन देने का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे श्रीलंका के लिए आईएमएफ कार्यक्रम को औपचारिक रूप दिया गया।

उन्होंने कहा, “एक सच्चे मित्र के रूप में भारत ऋण पुनर्गठन चर्चाओं के साथ-साथ आर्थिक पुनरुद्धार के रास्ते पर श्रीलंका सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।”

सीतारमण ने कहा, “हमारे नेताओं ने इस साल जुलाई में आर्थिक साझेदारी के लिए एक दृष्टि दस्तावेज जारी किया है, जिसमें हमारे लोगों के लिए सतत आर्थिक वृद्धि और समृद्धि के लिए सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों की रूपरेखा तैयार की गई है।”

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First Published - November 2, 2023 | 8:29 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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