facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

Steel Demand In India: 2023 में देखने को मिलेगी इस्पात की मांग में 8.6 प्रतिशत की ‘‘स्वस्थ वृद्धि’’

भारतीय अर्थव्यवस्था उच्च ब्याज दर के दबाव के बावजूद स्थिर बनी हुई है और इस्पात की मांग के कारण इसकी उच्च वृद्धि गति जारी रहने की उम्मीद है।

Last Updated- October 17, 2023 | 1:32 PM IST
Steel sector

भारत में इस्पात की मांग के 2023 में 1.8 प्रतिशत की समग्र वैश्विक वृद्धि के मुकाबले 8.6 प्रतिशत की ‘‘स्वस्थ वृद्धि’’ दर्ज करने की उम्मीद है। वर्ल्डस्टील ने मंगलवार को यह बात कही। वर्ल्ड स्टील एसोसिएशन (वर्ल्डस्टील) ने अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक इस्पात मांग 2023 में 1.8 प्रतिशत बढ़ेगी। 2022 में इसमें 3.3 प्रतिशत की गिरावट आई थी। 2024 में मांग के 1.9 प्रतिशत बढ़कर 184.91 करोड़ टन तक पहुंचने की उम्मीद है।

भारतीय अर्थव्यवस्था उच्च ब्याज दर के दबाव के बावजूद स्थिर बनी हुई है और इस्पात की मांग के कारण इसकी उच्च वृद्धि गति जारी रहने की उम्मीद है। वर्ल्डस्टील इकोनॉमिक्स कमेटी के चेयरमैन मैक्सिमो वेदोया ने कहा कि स्टील की मांग पर उच्च मुद्रास्फीति और ब्याज दर का असर दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सख्त मौद्रिक नीति के विलंबित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, निकाय को 2024 में उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में इस्पात की मांग में सुधार धीमा रहने की उम्मीद है। उभरती अर्थव्यवस्थाओं के विकसित देशों की तुलना में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें-भारत के दृष्टिकोण में FTA एक परिवर्तनकारी बदलाव: GTRI

सरकारी खर्च और निजी निवेश में सुधार से प्रेरित

भारत के निर्माण क्षेत्र में विकास बुनियादी ढांचे पर सरकारी खर्च और निजी निवेश में सुधार से प्रेरित है। वर्ल्डस्टील ने अपने शॉर्ट रेंज आउटलुक (एसआरओ) में कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से पूंजीगत सामान क्षेत्र की वृद्धि को भी समर्थन मिलेगा।

ऑटोमोटिव क्षेत्र में स्वस्थ विकास गति जारी रहेगी। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु क्षेत्र एकमात्र ऐसा क्षेत्र है जो उच्च मुद्रास्फीति/ब्याज दरों के कारण खराब प्रदर्शन कर रहा है जो विवेकाधीन खर्च को रोकता है। हालांकि, त्योहारी सीजन के खर्च और उत्पादन से जुड़े निवेश (पीएलआई) योजनाओं में प्रगति के साथ 2024 में इसमें सुधार होगा।

First Published - October 17, 2023 | 1:32 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट