अर्थव्यवस्था

होर्मुज संकट के बीच रणनीतिक तेल भंडार भी नहीं देगा पूरी राहत, रिपोर्ट में बड़ा दावा

होर्मुज स्ट्रेट में बाधा के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति में भारी कमी आई है और रणनीतिक तेल भंडार जारी करने से केवल सीमित राहत मिलने की संभावना है।

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सुधीर पाल सिंह   
Last Updated- March 14, 2026 | 10:21 AM IST

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी  (आईईए) द्वारा सबसे बड़े तेल भंडार के वितरण की योजना से तेल बाजार को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन एसऐंडपी ग्लोबल एनर्जी का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद रहता है तो यह सीमित समाधान साबित होगा।

रिसर्च फर्म ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘40 करोड़ बैरल तेल जारी करने की योजना (जिसमें से 17.2 करोड़ बैरल अमेरिका से आएगा) से बाजार को मौजूदा असंतुलन से तालमेल बिठाने में मदद मिलेगी। हालांकि यह देखना अभी बाकी है कि इससे खासकर एशियाई बाजारों को कैसे मदद पहुंचेगी, जिन्हें इसकी ज्यादा जरूरत है।’ मार्च महीने में वैश्विक आपूर्ति में आई 43 करोड़ बैरल की कमी की भरपाई में  ही 40 करोड़ बैरल तेल को कई महीने लग जाएंगे।

एसऐंडपी ग्लोबल एनर्जी के वाइस प्रेसीडेंट और क्रूड ऑयल रिसर्च के ग्लोबल हेड जिम बर्कहार्ड ने कहा, ‘बहुत ज्यादा तेल ऐसा है जिसे होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते निर्यात नहीं किया जा सकता। एशिया में तेल की कमी है जहां भंडार तेज़ी से घट रहे हैं। बाजार गंभीर रूप से असंतुलित है, और यह तब तक बना रहेगा जब तक स्ट्रेट फिर से खुल नहीं जाता और अपस्ट्रीम व डाउनस्ट्रीम परिचालन सामान्य नहीं हो जाते। ऐसा जल्दी नहीं होगा।’

1 मार्च से 11 मार्च के बीच बाजार में उपलब्ध कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों की आपूर्ति में हुई 1.7 करोड़ बैरल प्रति दिन की कमी, इतिहास में तेल आपूर्ति में हुई अब तक की सबसे बड़ी बाधा है। कोई भी अन्य ऐतिहासिक घटना इसके आस-पास भी नहीं ठहरती। रिपोर्ट में कहा गया, ‘एसऐंडपी ग्लोबल का अनुमान है कि मार्च के पहले 11 दिनों में होर्मुज स्ट्रेट की उपेक्षा कर अन्य रास्तों से लगभग 30 से 40 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का निर्यात किया गया। इसके विपरीत युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज स्ट्रेट से होकर 210 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का निर्यात होता था।’

First Published : March 14, 2026 | 10:21 AM IST