वित्त सचिव टी वी सोमनाथन (Finance secretary TV Somanathan) ने शुक्रवार को भुगतान एवं लेखा (पी एंड ए) अधिकारियों से सभी सरकारी विभागों को ई-बिल मंच पर लाने के प्रयास करने और भारत के भुगतान एवं लेखा नेटवर्क पर साइबर सुरक्षा खतरों की लगातार निगरानी करने के लिए कहा।
सोमनाथन ने 48वें लोक लेखा दिवस पर लेखा महानियंत्रक (सीजीए) और भारतीय लोक लेखा संगठन (आईसीएओ) के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सीजीए ने बिल भुगतान दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है जिससे दक्षता में काफी सुधार हुआ है।
वित्त सचिव ने कहा, “450 से अधिक भुगतान एवं लेखा कार्यालय ई-बिल मॉड्यूल का हिस्सा बन चुके हैं। मैं चाहता हूं कि आप भारत सरकार में ई-बिल प्रणाली के संपूर्ण कार्यान्वयन की दिशा में आगे बढ़ें ताकि भुगतान दक्षता को और भी बेहतर बनाया जा सके।”
ई-बिल प्रसंस्करण प्रणाली दो मार्च, 2022 को शुरू की गई थी। इसे सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में लागू किया जा रहा है। इससे आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों को अपना दावा ऑनलाइन जमा करने और वास्तविक समय के आधार पर उन पर नजर रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि भुगतान और लेखा अधिकारी विलंब की घटनाओं पर नजर रखें और देरी होने पर सुधारात्मक कार्रवाई के लिए उसकी जांच करें।
सोमनाथन ने कहा, “भविष्य में साइबर सुरक्षा की निगरानी की जरूरत है। देश को सभी स्तरों पर बढ़ते साइबर सुरक्षा खतरे का सामना करना पड़ रहा है और हम अपनी सतर्कता नहीं छोड़ सकते।” इसके साथ ही उन्होंने लोक लेखा सेवा कैडर के पुनर्गठन की जरूरत पर सहमति जताई।